हरियाणा डेस्क- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वित्तमंत्री के तौर पर राज्य बजट पेश करने से पहले इसे अंतिम रूप दिया। इसके बाद बजट की कॉपी पर हस्ताक्षर किए वह प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का तीसरा आम बजट पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल की चर्चा करते हुए कहा कि, हमने कोरोना की तीनों लहर के दौरान अच्छा काम किया और इससे उबरें हैं। हमने पिछले बजट के बाद कई कार्य किए और कई उपाय किए।
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कृषि दर्शन योजना होगी शुरू
मनोहरलाल ने कहा कि, 30 नवंबर 2022 तक फसली ऋण या अन्य लघु या मध्यम अवधि के ऋण की मूल राशि का भुगतान करने पर ब्याज की पूरी राशि माफ किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के तहत हाट स्पाट की पहचान कर उन्हें ग्रीन स्पाट में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि, प्रगतिशील किसानों के सहयोग से प्रगतिशील किसान कृषि दर्शन योजना शुरू होगी। किसानों के टूर और प्रशिक्षण का खर्च हरियाणा सरकार देगी। एक लाख अंत्योदय परिवारों को पशुपालन के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन साल का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन कार्यक्रम 100 कलस्टर्स में प्रति कलस्टर की कम से कम 25 एकड भूमि पर शुरू किया जाएगा।

बाजरे की कटाई के उपरांत ब्रांडिंग व उचित प्रबंधन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। बाजरा व मोटे अनाज के अनुसंधान के लिए भिवानी में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र खुलेगा। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए फतेहाबाद व सिरसा में सूक्ष्म सिंचाई को प्रोत्साहन देंगे। हरियाणा में 25 लाख मृदा नमूने लेकर किसानों को जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने को कहा जाएगा।
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2022 तक नई राष्टीय शिक्षा नीति
मनोहरलाल ने कहा कि, 2022 तक नई राष्टीय शिक्षा नीति होगी। इसके लिए सभी कालेजों में कम से कम 10 स्मार्ट क्लाररूम होंगे। लड़कियों के लिए सुरक्षित एवं सुलभ परिवहन पहल के लिए साथी योजना शुरू होगी और यह अप्रैल से शुरू होगी। स्कूलों में पढ़ने वाले 25 लाख बच्चों की साल में दो बार स्वास्थ्य जांच होगी। हरियाणा में 500 संस्कृति माडल स्कूल खुलेंगे। 50 एसटीईएम लैब की स्थापना होगी। आठवीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए ओलंपियाड शुरू होंगे। भौतिकी व गणित में उच्च स्थान हासिल करने वाले बच्चों को नासा व इसरो की सैर कराई जाएगी। 10वीं से 12वीं तक के बच्चों को टैब मिलेंगे। सरकारी स्कूलों में आडियो-विजुअल कक्षाओं की शुरुआत होगी।
चिकित्सा व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं
उन्होंने कहा कि, शोघ को बढ़ावा देने के लिए इंस्टीट्यूट आफ एमर्जिंग टेक्नोलाजी स्थापित होगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। आयुष पोषण व भोजन से संबंधित सभी सुविधाएं एक वेलनेस सेंटर की छत के नीचे होगी। सभी उप मंडलीय अस्पतालों में समुचित आक्सीजन की व्यवस्था रहेगी। हर वर्ग के 1.80 लाख रुपये से कम आय वालों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा। डाक्टरों का विशेषज्ञ कैडर बनेगा। ऐसे डाक्टर केवल क्लीनिकल ड्यूटी करेंगे। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 40 प्रतिशत सीटें सरकारी सेवा के डाक्टरों के लिए आरक्षित करने का निर्णय किया गया है।
उन्होंने कहा कि, नागरिक अस्पतालों में ईलाज के लिए वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता मिलेगी।अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में रेस्तरां सुविधाएं मिलेंगी। जो डाक्टर नगर पालिकाओं वाले छोटे शहरों और महाग्रामों में अपने नए अस्पताल नर्सिंग होम या क्लीनिक स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय संस्थानों से लिए जाने वाले ऋण पर ब्याज की राशि का भुगतान सरकार तीन साल तक करेगी। रक्त संग्रह के लिए ब़े स्तर पर मोबाइल इकाइयां शुरू होंगी। टीबी का पता लगाने के लिए हर खंड में मालिक्यूलर टेस्टिंग की सुविधा देंगे।
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