Sunday , 1 November 2026

नहीं खत्म हो रहा बाल विवाह का चलन, सामने आया ये होश उड़ा देने वाला मामला

जम्मू डेस्क- जम्मू के छन्नी हिम्मत और नरवाल में दो बच्चियों को बालिका बधु बनने से प्रशासन और गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों ने बचा लिया। दोनों ही परिवारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। उन्हें कहा गया कि अगर उन्होंने अपनी बेटियों की शादी 18 साल से कम उम्र में की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पहला मामला छन्नी हिम्मत क्षेत्र का है। रोहिंग्या परिवार की एक पंद्रह साल की बेटी की शादी तय की गई थी। इसकी शिकायत चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी जम्मू को की गई।

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इसके तुरंत बाद कमेटी ने चाइल्ड लाइन जम्मू और सेव द चिल्ड्रेन नाम की संस्थाओं को इस बच्ची के घर में जाने को कहा। तहसीलदार रवींद्र शर्मा, चाइल्ड लाइन जम्मू के सदस्य सुभाष बाली व अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे। जांच करने पर बच्ची की उम्र 15 साल निकली। शादी आज शुक्रवार को ही होनी थी। टीम के सदस्यों ने परिजनों को समझाया और कहा कि अगर उन्होंने 18 साल से पहले बच्ची की शादी की तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद बच्ची की शादी नहीं हुई।

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बच्ची की उम्र 11 साल होने की पुष्टि

वहीं दूसरा मामला नरवाल का है। नरवाल में एक 11 साल की बच्ची की उसके परिजन शादी कर रहे थे। इसकी शिकायत भी चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के साथ की गई। इसके बाद कमेटी ने चाइल्ड लाइन नोडल, चाइल्ड लाइन जम्मू की टीम को नरवाल में भेजा। मौके पर ही पुलिस कर्मी भी पहुंचे और उन्होंने मामले की जांच की तो उम्र 11 साल होने की पुष्टि हुई। परिजनों ने भी माना कि वे कम उम्र में बच्ची की शादी कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बच्ची की शादी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। परिजनों के आश्वासन और शादी को रद करने के बाद उन्हें छोड़ा गया। दोनों टीमों में शामिल सदस्यों ने बताया कि चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के निर्देशों पर वे शादी रूकवाने के लिए पहुंचे थे। परिजनों को बेटियों की शादी 18 साल से कम उम्र में न करने के लिए समझाया गया।

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