कर्नाटक डेस्क- कर्नाटक से शुरु हुआ हिजाब विवाद मामला अब देश के कई राज्यों में पहुंच गया है वहीं अब इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि, सभी छात्रों को ड्रेस कोड या यूनिफॉर्म का पालन करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि, यह उनका निजी मत है और अदालत का फैसला आने पर सभी को उसे मानना होगा। अमित शाह ने आगे कहा कि देश को आखिरकार संविधान के आधार पर ही चलना है।
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अदालत का फैसला करना होगा स्वीकार
मेरी व्यक्तिगत मान्यता तब तक ही रहती है, जब तक अदालत फैसला नहीं देती है। लेकिन, अगर अदालत इस पर फैसला देती है तो मुझे भी इसको स्वीकार करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने हिजाब विवाद में कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का भूमिका पर उन्होंने कहा कि, किसी की भी मंशा सफल नहीं होगी। अदालत का फैसला आने के बाद देश की जनता उसको स्वीकार करेगी।
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शैक्षणिक संस्थानों में वर्दी को अनिवार्य बनाने का निर्देश
गौरतलब है कि, छह छात्रों ने आरोप लगाया कि, उन्हें हेडस्कार्फ पहनने पर जोर देने के लिए कक्षाओं से रोक दिया गया था। उडुपी और चिक्कमगलुरु में दक्षिणपंथी समूहों ने मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनने पर आपत्ति जताई है। राज्य भर में यह विवादास्पद मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुस्लिम लड़कियों का एक वर्ग कॉलेज में हिजाब पहनने पर अड़ा हुआ है, जबकि राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के लिए वर्दी को अनिवार्य बनाने का निर्देश दिया है।
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