हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बारिश ने तांडव करना शुरू कर दिया है। सोलन के कंडाघाट उपमंडल के जादोन गांव में बादल फटा है। इस घटना में दो घर और एक गौशाला बह गए हैं। वहीं घटना के बाद पांच लोगों की मौत हो गई है। जहां बादल फटा है, वह इलाका हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और सोलन विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र ममलीघ का गांव जड़ों है। रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद है और यहां पर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। तीन लोग अभी भी लापता हैं। जबकि रेस्क्यू अभियान में 5 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रशासन ने जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 14 अगस्त तक बंद कर दिया है। इसी तरह शिमला शहरी क्षेत्र में भी सभी संस्थानों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि भूस्खलन से एक मंदिर ढह गया, जिससे आसपास की इमारतों को खतरा पैदा हो गया। कई लोग फंसे।
मंडी में तेज बारिश क चलते अब 300 साल पुराना पंजवक्त्र महादेव मंदिर फिर से डूबने लगा है। 9 जुलाई की बाढ़ से इस मंदिर का केवल ऊपरी हिस्सा बचा था. अब दोबारा ब्यास और सुकेती नदी में बाढ़ के चलते मंदिर का 10 फीसदी भाग डूब गया है। हिमाचल में मौसम विभाग ने आज के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बात शिमला की करें तो यहां रविवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। समरहिल और फागली में भूस्खलन होने के वजह से 80 से ज्यादा लोग मलबे के नीचे दब गए। जिसमें अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। समरहिल के पास शिव बौड़ी मंदिर पर भूस्खलन हुआ है, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई है। 30 से 32 लोग मलबे में दबे होने की जानकारी है। इसी तरह फागली के लाल कोठी इलाके में 15 ढारे ढह गए हैं। जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई।
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