नेशनल डेस्क- अमेरिका, सऊदी अरब और चीन ने एक ऐसा ऐलान कर दिया है, जिसके बाद अब भारत की मुश्किल बढ़ने वाली है। दरअसल, चीन और अमेरिका के बाद दुनिया में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन करने में भारत तीसरे नंबर पर है। अमेरिका, चीन, सऊदी अरब और ब्रिटेन समेत तमाम देशों ने ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती कर नेट जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य तक पहुंचने की समयसीमा का ऐलान कर दिया है। लेकिन, अब ये देश भारत पर भी ऐसा करने के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं।
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ग्रीन हाउस गैसों का उतना ही उत्सर्जन
नेट जीरो एमिशन का मतलब ये है कि, सभी देश पर्यावरण में ग्रीन हाउस गैसों का उतना ही उत्सर्जन करें जितना वे जंगल बढ़ाकर या अन्य तरीकों से कम कर सकें। ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन की वजह से धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है जो चिंताजनक है।
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अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन ने नेट जीरो के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साल 2050 की डेडलाइन तय की है। जबकि, चीन और सऊदी अरब ने नेट जीरो कार्बन एमिशन के लिए साल 2060 की समयसीमा तय की है।
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