नेशनल डेस्क- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना गहरा दबाव मंगलवार को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है और बुधवार को म्यांमार के थांडवे तट को पार कर सकता है। ये सोमवार को उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर एक दबाव से गहरे दबाव में बदल गया था और 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा था। ये भारतीय समयानुसार शाम साढ़े पांच बजे अंडमान द्वीप समूह में मायाबंदर से लगभग 120 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व और म्यांमार में थांडवे तट से 570 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निकाल गया
बता दें, अगले 12 घंटे के दौरान इसके और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। एक बार चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद श्रीलंका के सुझाव के अनुसार मौसम प्रणाली का नाम ‘आसनी’ रखा जाएगा। अंडमान द्वीप समूह से लगभग उत्तर की ओर बढ़ता रहेगा और 23 मार्च तड़के के दौरान थांडवे के आसपास 18 डिग्री उत्तर और 19 डिग्री उत्तर अक्षांश के बीच म्यांमार तट को पार करेगा। अधिकारियों ने बताया कि, निचले और बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निकाल लिया गया है और उन्हें उत्तर तथा मध्य अंडमान और दक्षिण अंडमान जिलों में अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है।
Read More Stories:
अंडमान सागर में न उतरने की सलाह
उन्होंने बताया कि, खराब मौसम के कारण अंतरद्वीपीय नौका सेवाओं को रोक दिया गया है और सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। एनडीआरएफ के करीब 150 कर्मियों को तैनात किया गया है और द्वीप के विभिन्न हिस्सों में छह राहत शिविर खोले गए हैं। लॉन्ग आइलैंड पर सुबह साढ़े आठ बजे तक 131 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि पोर्ट ब्लेयर में केंद्र शासित प्रदेश के सभी तीनों जिलों में नियंत्रण कक्षों को भी खोला गया है। मौसम कार्यालय ने अगले दो दिनों तक सभी पर्यटन और मत्स्य पालन गतिविधियों को निलंबित करने की सलाह दी है। मछुआरों को सोमवार को दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी और सोमवार तथा मंगलवार को अंडमान सागर में न उतरने की सलाह दी गई है।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
