नेशनल डेस्क- तमिलनाडु में हुए उस दर्दनाक हादसे के बारे में अब लगभग पूरा देश जान चुका है, भारत के प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का निधन देश के लिए बहुत दुखद है। लेकिन इसी के साथ बता दें, उत्तर प्रदेश के मेरठ से CDS का गहरा शैक्षिक नाता है जहां से उन्होंने वर्ष 2011 में डॉक्टरेट की उपाधि (PHD) हासिल की थी। उनके गुरु और पीएचडी के गाइड रहे प्रो. हरबीर शर्मा ने बुधवार को जब अपने जांबाज शिष्य के निधन की खबर सुनी तो आंखों में आंसू आने से रोक नहीं पाए।
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जनरल रावत ने सैन्य मीडिया रणनीतिक अध्ययन के अंतर्गत ‘कश्मीर घाटी का रणनीतिक मूल्यांकन’ विषय पर अपना शोध कार्य प्रो शर्मा के नेतृत्व में किया था। देर शाम जनरल रावत के निधन की खबर ने 81 साल के प्रो शर्मा बुरी तरह विचलित कर दिया। खबर सुनते ही उनकी आंखों से आंसू आ गए जो बता रहे थे कि, वह अपने होनहार शिष्य पर कितना नाज करते थे।
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सलामती की लगातार प्रार्थना
तमिलनाडु के कुन्नूर में एक हेलीकॉटर हादसे में जनरल रावत और उनकी पत्नी मधूलिका रावत के अलावा 11 अन्य सैन्य अधिकारियों का निधन हो गया। प्रो. शर्मा ने अपना दर्द साझा करते हुये कहा कि, दोपहर को जनरल रावत के हेलीकॉप्टर हादसे की खबर सुनने के बाद से ही वह उनकी सलामती की लगातार प्रार्थना करते रहे। उन्होंने बताया कि, पीएचडी के दौरान जनरल रावत दिल्ली मुख्यालय में मेजर जनरल के पद पर तैनात थे। इतने बड़े औहदे पर होते हुये भी वह बेहद सादगी पसंद थे और शोध कार्य के सिलसिले में उनका अकसर गुरु के घर आना जाना लगा रहता था।
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