पंजाब डेस्क- सरकार ने राज्य के मालवा क्षेत्र में कपास की फसल पर पिंक बॉलवर्म के हमले के बाद खेती के लिए वितरित किए गए बीज की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए। उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किसान मजदूर संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद जांच के आदेश दिए। एक सरकारी बयान में कहा गया कि, राज्य के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा की मौजूदगी में बैठक में किसानों के कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
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आगे उन्होनें कहा कि, रंधावा ने संपत्तियों की कुर्की और जुर्माना लगाने के साथ दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की जाएगी। वहीं कृषि मंत्री ने कहा कि, कपास की फसल को नुकसान से बचाने के लिए राज्य सरकार मुफ्त स्प्रे मुहैया कराएगी। गौरतलब है कि, कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उपमुख्यमंत्री रंधावा कीटों के हमले से कपास को हुए नुकसान का जायजा लेने बठिंडा गए थे।

योजना को लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह जानकारी दी कि, हरियाणा सरकार इस खरीफ सत्र से बाजरा को राज्य की भावान्तर भरपाई योजना में शामिल करेगी । उन्होंने कहा कि, इस योजना को लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि, यह फैसला राज्य के किसानों के हित में लिया गया है। एक सरकारी बयान में यह कहा गया है। इससे पहले राज्य में बागवानी फसलों के लिये ‘भावान्तर भरपाई योजना’ को भी लागू किया गया था। योजना में 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया। खट्टर ने कहा कि, केन्द्र सरकार ने बाजरा के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,250 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। उन्होंने कहा, पड़ौसी राज्यों राजस्थान और पंजाब ने बाजरा की खरीद के लिये कोई योजना नहीं बनाई है।
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