नेशनल डेस्क- जहां देश में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं तो वही, कोरोना वायरस के अन्य वेरिएंट की तुलना में ओमीक्रोन वेरिएंट बच्चों में ऊपरी वायुमार्ग संक्रमण की दृष्टि से अधिक खतरनाक होता है, जिससे उन्हें दिल का दौरा पड़ने और अन्य गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक होता है। अमेरिकी विश्वविद्यालय- यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी और स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी ने 19 साल की आयु से कम उम्र के 18,849 बच्चों से संबंधित कोरोना संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण किया। ये बच्चे कोविड-19 की चपेट में आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे।
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बच्चों के लिए है ज्यादा खतरनाक
शोधकर्ताओं ने यह पता करने के लिए अध्ययन किया है कि, क्या अमेरिका में ओमीक्रोन के मामले में बढ़ने पर बच्चों में UAI के मामलों में बढ़ोतरी हुई थी। शोधकर्ताओं ने कहा है कि, ओमीक्रोन से पहले और ओमीक्रोन की अवधि की तुलना करने पर गंभीर स्थिति वाले बाल मरीजों के अनुपात में बहुत ज्यादा अंतर नहीं था। रिपोर्ट में लिखा गया है कि, UAI से पीड़ित बच्चों में ऊपरी नासिका मार्ग में अवरोध के कारण दिल का दौरा पड़ने का जोखिम अधिक होता है। ऐसी स्थिति में उन्हें मेडिकल यूनिट में उपलब्ध कराए जाने वाले इलाज की आवश्यकता होती है।
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पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 4.61 फीसदी
दिल्ली-NCR में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले बता दें, देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। 17 अप्रैल को खत्म हफ्ते में कोरोना के भारत में 8,148 नए मामले आए। यह पिछले हफ्ते आए 7,088 मामलों के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा है। इससे देश में कोरोना की चौथी लहर आने की चर्चा जोर पकड़ रही है। बीते हफ्ते में एक्टिव केस में करीब 5 फीसदी उछाल आया है।
पिछले दो महीने में देखे गए ट्रेंड से यह उलट है। तब नए मामलों और एक्टिव इंफेक्शंस में कमी देखने को मिली थी। सबसे ज्यादा नए मामले तीन राज्यों- दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में आ रहे हैं। दिल्ली में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 4.61 फीसदी हो गया है। जनवरी के बाद से यह घटकर 1 फीसदी से नीचे चला गया था।
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