रेवाड़ी, 17 अक्तूबर(महेंद्र भारती); देवी के नवरात्रों में जहां पूरा देश कंजक पूजन कर अपने आप को कृतार्थ करने में लगा है, वहीं दरिंदों के लिए बेटियां आज भी सिर्फ उनकी हवस मिटाने का साधन मात्र बनी हुई है। कनीना प्रकरण के बाद रेवाड़ी में एक और सनसनीखेज मामला उस वक्त सामने आया, जब स्कूल से घर लौट रही 7 वर्षीय एक मासूम को हवस के भेड़िए ने अपना शिकार बना डाला।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मामला रेवाड़ी जिला के एक गांव का है, जहां मजदूरी करके अपना परिवार चलाने वाले एक प्रवासी मजदूर की 7 वर्षीय बेटी रोज की तरह बीते दिन भी स्कूल गई थी। स्कूल से घर लौटते वक्त पड़ोसी गांव के रहने वाले करीब 35 वर्षीय शख्स ने रास्ते में उसे पकड़ लिया और खेतों में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
बच्ची के लहूलुहान हालत में घर पहुंचने के बाद जब मासूम ने मां को सारी आपबीती बताई तो परिजनों ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पीड़ित का मेडिकल करवाया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही बाल संरक्षण कमेटी के सदस्य भी अस्पताल पहुंचे। फिलहाल मासूम अस्पताल में उपचाराधीन है।
वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों की माने तो पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित की मां प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगा रही है। वहीं पुलिस अभी इस मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। अब देखना यह होगा कि पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।
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