Thursday , 29 October 2026
भिवानी मेडिकल कॉलेज में महिला आयोग का निरीक्षण

भिवानी मेडिकल कॉलेज में महिला आयोग का निरीक्षण, शौचालयों और IC कमेटी में मिली खामियां; सुधार के निर्देश|

भिवानी: पंडित नेकीराम शर्मा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, भिवानी में महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने दौरा कर कॉलेज की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज स्टाफ और छात्राओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली।

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निरीक्षण के दौरान कॉलेज की व्यवस्थाओं से जुड़ी कुछ खामियां सामने आईं, जिन्हें जल्द दुरुस्त करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

नई बिल्डिंग के बावजूद शौचालयों की स्थिति खराब

पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कॉलेज की नई बिल्डिंग में बने शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों और स्टाफ की ओर से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का कारण सफाई कर्मचारियों की कमी बताया गया। इस पर मीना परमार ने कहा कि स्टाफ की आवश्यकता को लेकर सरकार को पत्र लिखने का आश्वासन दिया गया है, ताकि सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।

उन्होंने परिसर में पानी की बर्बादी का मुद्दा भी उठाया और स्टाफ तथा छात्रों को पानी की बचत के प्रति जागरूक रहने के निर्देश दिए।

छात्रों को मेडिकल शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की सीख जरूरी

मीना परमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में छात्रों को केवल मेडिकल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भविष्य में डॉक्टर बनने वाले छात्रों को पानी और बिजली की बचत जैसे विषयों को भी समझना चाहिए। इसके साथ ही मरीजों के साथ मृदु और सम्मानजनक व्यवहार करना भी मेडिकल प्रोफेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि मरीज डॉक्टर को उम्मीद और भरोसे के साथ देखता है। ऐसे में डॉक्टर का व्यवहार मरीज के आत्मविश्वास पर भी असर डालता है।

छात्राओं से महिला सुरक्षा को लेकर की बातचीत

महिला आयोग की उपाध्यक्ष के दौरे का सबसे अहम हिस्सा महिला सुरक्षा रहा। उन्होंने कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं से बातचीत कर उनके सुरक्षा अनुभवों और समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

मीना परमार ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि अगर उन्हें किसी भी तरह की परेशानी, उत्पीड़न या असुरक्षा का सामना करना पड़ता है तो वे अपनी शिकायत महिला आयोग तक पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आयोग छात्राओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर उनके साथ खड़ा है।

POSH कानून के तहत IC कमेटी की भी जांच

निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े POSH Act 2013 के तहत बनाई गई आंतरिक शिकायत समिति यानी IC कमेटी के कामकाज की भी जानकारी ली गई।

आयोग की ओर से यह जांचने की कोशिश की गई कि समिति का गठन नियमों के अनुरूप हुआ है या नहीं। इसमें खास तौर पर समिति में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी, बाहरी सदस्य की मौजूदगी और समिति की नियमित बैठकों से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी ली गई।

इसके अलावा यह भी देखा गया कि समिति की बैठकें निर्धारित समय पर हो रही हैं या नहीं और वार्षिक रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में जमा की जा रही है या नहीं।

IC कमेटी के कामकाज में मिली कमियां

मीना परमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान IC कमेटी के कामकाज से जुड़े कुछ बिंदुओं में कमियां सामने आईं। संबंधित अधिकारियों को इन कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका समय पर निपटारा होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित मामलों में 90 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी करने के नियम का पालन किया जाना चाहिए।

छात्राओं से कहा- परेशानी हो तो सीधे बताएं

महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने छात्राओं से कहा कि अगर उन्हें कॉलेज या कार्यस्थल पर किसी भी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वे अपनी बात सामने रखने से न डरें।

उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता है और किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। आयोग की ओर से छात्राओं को भरोसा दिलाया गया कि जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

‘डॉक्टर का व्यवहार भी इलाज का हिस्सा’

दौरे के अंत में मीना परमार ने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों से मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मरीज डॉक्टर को भगवान के समान मानकर अस्पताल में आता है और ऐसे में डॉक्टर का मुस्कुराता चेहरा तथा मधुर व्यवहार मरीज के मन में भरोसा पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि बेहतर इलाज के साथ मरीज के प्रति अच्छा व्यवहार भी जरूरी है। डॉक्टरों को मरीजों की बात ध्यान से सुननी चाहिए और उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए।

महिला आयोग के इस दौरे में कॉलेज की साफ-सफाई, स्टाफ की कमी, पानी की बर्बादी, छात्राओं की सुरक्षा और IC कमेटी के कामकाज जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए। अब संबंधित कमियों को दूर करने के लिए कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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