चंडीगढ़,01 जनवरी 2025। हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर जारी असमंजस नए साल में खत्म हो सकता है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और प्रियंका गांधी की कोर टीम के सदस्य प्रदीप नरवाल ने इस विषय पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने संकेत दिया कि नए साल पर कांग्रेस पार्टी द्वारा नेता प्रतिपक्ष के लिए एक नया चेहरा सामने आ सकता है।
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प्रदीप नरवाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के चयन की एक प्रक्रिया है, और यह कांग्रेस आलाकमान का निर्णय है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस मजबूती से आगे बढ़ रही है और हर मोर्चे पर जनता के साथ खड़ी है। नरवाल ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के हितों की लड़ाई में पूरी ताकत से उनके साथ है।
बीजेपी पर साधा निशाना
नरवाल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में बीजेपी ने एससी-ए को राजनीतिक मंशा से लागू किया है। उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग करते हुए कहा कि यदि बीजेपी वास्तव में पिछड़े और दलित वर्गों की हितैषी है, तो उसे इस मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
उन्होंने हरियाणा में फैमिली आईडी के पैटर्न पर लागू योजनाओं की आलोचना करते हुए कहा कि ये योजनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। नरवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आरक्षण प्रणाली को कमजोर किया और बाबा साहब अंबेडकर के संविधान के साथ खिलवाड़ किया।
जातिगत और क्षेत्रीय राजनीति से बाहर आने की जरूरत
हरियाणा में जातिगत और क्षेत्रीय राजनीति पर अपनी राय रखते हुए नरवाल ने कहा कि राज्य को इस राजनीति से बाहर निकलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर वर्ग के लोगों को राजनीति में आने का हक है और कांग्रेस इस दिशा में काम कर रही है।
नरवाल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस गरीब और आम घरों के बच्चों को राजनीति में अवसर देने की पहल कर रही है। उन्होंने शिक्षा की पहुंच को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी विश्वविद्यालयों में फीस 200-300 रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, ताकि शिक्षा सभी के लिए सुलभ हो सके।
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