चंडीगढ,6जून। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरूग्राम के एक निजी स्कूल में पिछले साल एक सात वर्षीय छात्र की हत्या के मामले में अभियुक्त किशोर की जमानत अर्जी बुधवार को खारिज कर दी।
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हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए किशोर के वकील की इस दलील को भी नामंजूर कर दिया कि सीबीआई इस मामले की जांच की अंतिम रिपोर्ट कानून के मुताबिक निर्धारित अवधि में पेश करने में नाकाम रही है। वकील ने यह भी दलील दी कि अभियुक्त की उम्र कम है।
इससे पहले गुरूग्राम के सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त किशोर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इस पर हाईकोर्ट में अपील की गई थी। अभियुक्त ने अपनी अर्जी में कहा कि वह कम उम्र होने के कारण किशोर अपराधी के कानून लागू किए जाएं और सीबीआई द्वारा जांच रिपोर्ट निर्धारित अवधि में पेश न कर पाने के लिए जमानत अर्जी मंजूर की जाए। किशोर न्याय बोर्ड पहले ही इस मामले में अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा एक वयस्क के बतौर चलाने का आदेश दे चुका है। इसलिए सीबीआई को भी दण्ड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों को लागू करना है। दण्ड प्रक्रिया संहिता में प्रावधान है कि अभियुक्त की गिरफ्तारी के समय से नब्बे दिन में जांच रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य है। निर्धारित समय में जांच रिपोर्ट पेश न कर पाने पर अभियुक्त स्वतः जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा।
गुरूग्राम के स्कूल में 8सितम्बर 2017 को सात वर्षीय छात्र प्रिंस की शौचालय में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस घटना के कुछ ही घंटों में बस कण्डक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अशोक कुमार के खिलाफ हत्या, आम्र्स एक्ट ओर पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस वर्ष फरवरी में स्थानीय अदालत ने अशोक कुमार को इन आरोपों से मुक्त कर दिया था। पुलिस जांच में गडबंडी के आरोपों के चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने हत्या के आरोप में कक्षा 11 के छात्र किशोर को गिरफ्तार किया था।
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