चंडीगढ़/यमुनानगर: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में सफलता का सबसे बड़ा आधार अच्छा चरित्र और संस्कार हैं। उन्होंने कहा कि डिग्री व्यक्ति के ज्ञान का प्रमाण हो सकती है, लेकिन उसकी पहचान उसके चरित्र से होती है। मुख्यमंत्री यमुनानगर स्थित गुरु नानक खालसा कॉलेज में आयोजित ‘उत्कर्ष 2026’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 160 मेधावी विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!युवाओं को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बड़े सपने देखें, कठिन परिश्रम करें और राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही भविष्य के वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी, उद्यमी और प्रशासक बनकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “किरत करो, नाम जपो और वंड छको” का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, मेहनत और समाज सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
नई तकनीक और कौशल विकास पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इसलिए युवाओं को लगातार नई तकनीक सीखने और अपने कौशल को विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए कहा कि सपना वही है जो इंसान को सोने न दे और उसे अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रेरित करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय विकसित किए जा चुके हैं और हर 20 किलोमीटर के दायरे में सरकारी कॉलेज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंचकूला, कुरुक्षेत्र, रोहतक और सोनीपत में राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा संस्थानों का विस्तार किया गया है। साथ ही डिजिटल एवं स्वायत्त कॉलेजों की शुरुआत भी की जाएगी, ताकि आधुनिक शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिल सके।
बिना पर्ची-खर्ची सरकारी नौकरियों का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने योग्यता के आधार पर 1.83 लाख युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं। वहीं लगभग 1.96 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को भी सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेताओं के लिए करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कार, नई खेल नर्सरियां और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।
कार्यक्रम की खास बातें
- 160 मेधावी विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और चयनित युवाओं का सम्मान।
- गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में भूमिका की सराहना।
- विकसित भारत 2047 के लिए युवाओं को नवाचार और कौशल विकास अपनाने का संदेश।
- उच्च शिक्षा, डिजिटल कॉलेज और खेलों के विस्तार पर सरकार की योजनाओं की जानकारी।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
