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हरियाणा के बिजली उपभोक्ता हुए हाईटेक, 49 लाख से अधिक कर रहे ऑनलाइन बिल भुगतान: अनिल विज

चंडीगढ़, 6 जुलाई: हरियाणा ने बिजली वितरण और उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी की एक बड़ी क्रांति ला दी है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रदेश में अब कुल 81.92 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 49 लाख से ज्यादा उपभोक्ता डिजिटल माध्यमों से अपने बिल ऑनलाइन चुका रहे हैं। यह केवल डिजिटल साक्षरता की जीत नहीं, बल्कि उपभोक्ता सुविधाओं में पारदर्शिता और समय की बचत का भी शानदार उदाहरण है।

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डिजिटल भुगतान का बढ़ता चलन

अनिल विज के अनुसार, हरियाणा में बिजली वितरण के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) जिम्मेदार हैं। दोनों निगम हर माह अपने कुल राजस्व का 60% से अधिक हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं। न सिर्फ शहरों, बल्कि गांवों के उपभोक्ता भी नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बिल भुगतान में तेजी आई है और उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़े होने से निजात मिली है।

डिजिटल क्रांति से उपभोक्ता सेवाएं भी स्मार्ट

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिल भुगतान के साथ-साथ अब नया कनेक्शन लेना, लोड बढ़ाना या घटाना, नाम परिवर्तन, शिकायत दर्ज कराना और मीटर स्थानांतरण जैसी सारी सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं। टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायतें दर्ज कराना बेहद आसान हो गया है। गुरुग्राम और पंचकूला में बने ग्राहक सेवा केंद्रों से उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है।

स्मार्ट मीटरिंग और तकनीकी सुधार

शहरी इलाकों में स्वचालित मीटर रीडिंग (AMR) प्रणाली लागू की गई है, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप कम हुआ है और बिलिंग में पारदर्शिता आई है। मानेसर और कुंडली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्मार्ट ग्रिड तकनीक के कारण बिजली आपूर्ति विश्वसनीय और बेहतर हुई है।

‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली

5887 गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित कर हरियाणा सरकार ने ग्रामीण जीवन में एक नई चमक लाई है। ग्रामीण उपभोक्ता भी अब डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनकी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है।

तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में बड़ी कमी

पिछले 13 वर्षों में तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में शानदार कमी आई है। 2012-13 में 29.31% हानि थी, जो जनवरी 2025 तक घटकर सिर्फ 10.52% रह गई है। UHBVN ने इसे 9.38% और DHBVN ने 11.35% तक सीमित किया है। स्मार्ट मीटरिंग और बेहतर निगरानी के कारण ये उपलब्धि संभव हुई है।

ट्रांसफार्मर क्षति दर में भी रिकॉर्ड गिरावट

1997-98 में 30.45% ट्रांसफार्मर क्षति दर घटकर अब सिर्फ 4.74% रह गई है। ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ने के बावजूद यह दर कम होना बिजली वितरण प्रणाली की मजबूती का संकेत है।

साइबर फ्रॉड से सावधान रहें

डिजिटल पेमेंट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड की घटनाएं भी बढ़ी हैं। उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल या लिंक से सावधान रहने की जरूरत है। बिजली निगम सुरक्षा उपायों को और सख्त कर रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं का डेटा और धन सुरक्षित रहे।


ऊर्जा मंत्री अनिल विज का कहना है:
“हरियाणा के बिजली उपभोक्ता अब पूरी तरह हाईटेक हो चुके हैं। डिजिटल सेवाएं, स्मार्ट मीटरिंग और 24 घंटे बिजली आपूर्ति ने प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में एक नई पहचान दी है। आने वाले दिनों में स्मार्ट तकनीकों और नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से यह प्रगति और तेजी से बढ़ेगी।”

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