पंजाब डेस्क- गन्ने की कीमतों पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ किसानों की बैठक से पहले कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि गन्ना किसानों की मांगों के अनुरूप गन्ने की कीमतें तत्काल बढ़ाई जानी चाहिए। सिद्धू ने यह भी कहा कि गन्ने का राज्य समर्थन मूल्य वर्ष 2018 से नहीं बढ़ाया गया है जबकि इसका लागत मूल्य 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
मुख्यमंत्री गन्ने की कीमतों और बकाए के भुगतान पर किसान नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं। अपनी मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन पांचवे दिन भी जारी है और इन प्रदर्शनों से रेल सेवाएं तथा सड़क यातायात प्रभावित हुआ है।
Read More Stories:
- विवाहिता से मारपीट का मामला, परिजनों पर नींद की गोलियां खिलाने का आरोप
- पिछले 24 घंटों में कोरोना के 25,467 नए मामले दर्ज, 354 संक्रमितों की मौत
सिद्धू ने किया ट्वीट
सिद्धू ने ट्वीट किया,”गन्ना किसानों के लिए एसएपी 2018 के बाद से नहीं बढ़ा है, जबकि लागत मूल्य में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। पंजाब मॉडल का मतलब किसानों और चीनी मिलों को अधिक मुनाफा देने के लिए उचित मूल्य, मुनाफे में समान हिस्सेदारी, उत्पादन और प्रसंस्करण में विविधता देने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप है ।” वहीं क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ”किसानों की मांगों के अनुरूप एसएपी को तत्काल बढ़ाया जाना चाहिए और बकाए का भुगतान किया जाना चाहिए। सिद्धू ने इस ट्वीट के एक दिन पहले कहा था कि पंजाब में गन्ने की कीमतें अधिक लागत मूल्य के बावजूद हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से कम हैं। उन्होंने राज्य के किसानों के लिए बेहतर कीमतों की मांग की थी।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
