नेशनल डेस्क- गूगल हमेशा ही खास मौकों पर एक डूडल तैयार करता है और बताता है कि, आज का दिन क्यों खास था। इसी कडी में Google ने गुरुवार यानी आज भी एक Doodle बनाया है, जिसमें एक पोलिश आविष्कारक, डॉक्टर और इम्यूनोलॉजिस्ट रूडोल्फ वीगल का 138वां जन्मदिन मनाया है। बता दें, इन्होंने सबसे पुराने और सबसे संक्रामक रोगों में से एक- महामारी टाइफस के खिलाफ पहली बार इफेक्टिव वैक्सीन तैयार की थी। उनके द्वारा किए गए काम को एक नहीं बल्कि दो नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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रूडोल्फ वीगल के इनोवेटिव रिसर्च से पता चला कि घातक जीवाणुओं को फैलाने के लिए जूं का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। इसके लिए उन्होंने कई दशकों तक अध्ययन किया था और वैक्सीन विकसित करने पर काम किया था। सन् 1936 में, वीगल ने जो वैक्सीन बनाई थी उसे पहले लाभार्थी को सफलतापूर्वक लगाया गया था।
क्या है इस डूडल में
Doodle में वीगल को अपने हाथों में टेस्ट ट्यूब पकड़ा हुआ है। वहीं, दीवार पर एक जूं और दूसरी तरफ मानव शरीर का चित्र बना हुआ है। इलस्ट्रेटर ने Google को माइक्रोस्कोप, बन्सन बर्नर पर बीकर, और होल्डर में टेस्ट ट्यूब सभी को एक लैब टेबल पर रखा है।सन् 1883 में ऑस्ट्रो-हंगेरियन शहर प्रेजेरो में वीगल का जन्म हुआ था। वीगल ने पोलैंड के ल्वो विश्वविद्यालय में जैविक विज्ञान का अध्ययन किया था। फिर सन् 1914 में पोलिश सेना में एक परजीवी विज्ञानी के रूप में उन्हें नियुक्त किया गया था। पूर्वी यूरोप में लाखों लोग टाइफस से पीड़ित थे। इसके बाद वीगल ने इसके प्रसार को रोकने का संकल्प लिया था।
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प्रोडक्शन प्लांट खोलने के लिए होना पड़ा मजबूर
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने पोलैंड पर कब्जा कर लिया था तो वीगल को एक वैक्सीन प्रोडक्शन प्लांट खोलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस अवधि के दौरान वीगल के काम के कारण लगभग 5000 लोगों को बचाया गया था। देशभर में इस बिमारी के हजारों वैक्सीन को वितरित किया गया था।
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