हरियाणा डेस्क: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान के अनुसार आज यानी तीन अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू की जानी थी। ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर किसान शेड्यूल के अनुसार मंडी तो पहुंच गए लेकिन खरीद नहीं हुई। आलम यह है कि, फरीदाबाद की अनाज मंडी में कोई सरकारी अधिकारी नहीं पहुंचा है जिसके कारण किसान अपनी खड़ी ट्रॉलियों में धान की फसल लदी लेकर खड़े है।
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किसानों का फूटा गुस्सा
तो वहीं किसानों का कहना है कि, अगर सरकार ने धान की खरीद नहीं करनी थी तो मैसेज क्यों भेजा। यहां मंडी में भी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक की पानी भी नहीं है और सरकारी अधिकारी भी लापता है। सरकारी खरीद शुरू न होने की स्थिति में धान की ढेरियों से मंडी लबालब है। लेकिन कोई खरीद नहीं हो रही है।

पहली अक्तूबर से धान की खरीद शुरू होने की बात पर बड़ी संख्या में किसानों ने कंबाइन से धान की कटाई करा ली है। किसानों के घरों व खेतों पर भी खड़ी ट्रॉलियों में धान की फसल लदी हैं। ऐसे में धान खरीद को टाला जाना किसानों पर किसी वज्रपात से कम नहीं है। इस पर आढ़तियों व किसान नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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