इंटरनेशनल डेस्क- कीव छोड़ने के बाद पोलैंड में शरण लेने के लिए यूक्रेन के शहर लवीव में आसमान तले ठंड में बैठे भारतीय छात्रों को अब नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। रूस के बढ़ते हमले के बाद यूक्रेन के सुरक्षा अधिकारियों ने मेडिकल की पढ़ाई करने गए भारतीय छात्रों को रूस से लड़ने के लिए हथियार उठाने को कह रहे है।
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रूस की सेना का करना होगा मुकाबला
यूक्रेन के सुरक्षा अधिकारी कीव यूनिवर्सिटी के छात्र अमृतसर निवासी जगजीत सिंह , पटियाला निवासी गुरफतेह सिंह , कोटकपूरा निवासी जजबीर सिंह, जालंधर निवासी कमलजीत सिंह व हिमाचल प्रदेश निवासी देवराज ने फोन पर बातचीत में बताया कि यूक्रेन के सुरक्षा अधिकारियों की तरफ से भारतीय छात्रों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि उन्हें यूक्रेन के सैनिकों के साथ मिलकर रूस की सेना का मुकाबला करना होगा। किसी को पोलैंड नहीं जाने दिया जाएगा। इन छात्रों ने बताया कि पोलैंड जाने के लिए बार्डर पर कतार में खड़े भारतीय विद्यीर्थियों पर यूक्रेन के सुरक्षा अधिकारियों ने हाथ भी उठाया और गाली-गलौज की।
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जालंधर निवासी मलकीत सिंह ने बताया कि उसके पास जो पैसे थे, खत्म हो चुके हैं। सोमवार को खालसा सिख एड द्वारा ब्रेड, बिस्किट और चाय दी गई थी। मंगलवार को पूरा दिन खाने के लिए कुछ नहीं मिला। ठंड में सेहत भी खराब हो रही है। यहां सुनने वाला कोई नहीं। वहीं ब¨ठडा के छात्र शिखा कपूर ने बताया कि तीन दिन से वह दवाई के लिए दुहाई दे रहा है, परंतु यूक्रेन के सुरक्षा अधिकारी न तो दवा मुहैया करवाते हैं और न ही कहीं जाने देते हैं। मोबाइल छीनने की धमकियां भी दी जाती हैं।
एक साथ रहें, सभी को सुरक्षित निकाला जाएगा
इस बीच भारतीय दूतावास की तरफ से एक मैसेज जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि, सभी भारतीय एक साथ ही मिलकर रहें और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं। सभी भारतीयों को सुरक्षित भारत पहुंचाया जाएगा। इसके लिए एयर फोर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। सूर्य अस्त होने के बाद जहां जगह मिल जाए, वहां पर ही रुक जाएं, इधर-उधर न जाएं।
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