हरियाणा डेस्क: हरियाणा में कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर बर्खास्त होने की तलवार लटक रही है। दरअसल, रजिस्ट्री घोटाले की जांच में 232 अधिकारियों-कर्मचारियों को संलिप्त पाया गया। इनमें 34 तहसीलदार-नायब तहसीलदार, 176 पटवारी और 22 लिपिक शामिल हैं। इन सभी पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। मंगलवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने इनके खिलाफ अंडर रूल-7 के तहत प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिया है।
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सरकार को मिली थी ये शिकायतें
सरकार को कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान और बीते वर्षों में गलत ढंग से रजिस्ट्रियां होने की शिकायतें मिली थीं। तुरंत जांच के आदेश दिए गए। मंडलायुक्त स्तर की जांच में गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, करनाल, कैथल व पानीपत जिला के 34 सब-रजिस्ट्रार व ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार (तहसीलदार-नायब तहसीलदार ) के अलावा 22 लिपिकों व 176 पटवारियों को रजिस्ट्री घोटाले में संलिप्त पाया गया।

रजिस्ट्री घोटाले की जांच में 232 अधिकारियों-कर्मचारियों को संलिप्त पाया गया
हरियाणा में हुए रजिस्ट्री घोटाले की जांच में 232 अधिकारियों-कर्मचारियों को संलिप्त पाया गया। इनमें 34 तहसीलदार-नायब तहसीलदार, 176 पटवारी और 22 लिपिक शामिल हैं। इन सभी पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। मंगलवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने इनके खिलाफ अंडर रूल-7 के तहत प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिया है।
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