शुक्रवार को उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई लोग लापता हो गए। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) द्वारा गौरीकुंड के पास राहत और बचाव अभियान जारी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्षेत्राधिकारी विमल रावत ने बताया कि भारी बारिश के साथ-साथ पहाड़ियों से रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों के कारण राहत और बचाव प्रयासों में बाधा आ रही है।
उन्होंने कहा कि लापता लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें कुछ नेपाल के भी हैं। अधिकारियों ने कहा लापता लोगों की पहचान विनोद (26), मुलायम (25), आशु (23), प्रियांशु चमोला (18), रणबीर सिंह (28), अमर बोहरा, उनकी पत्नी अनीता बोहरा, उनकी बेटियां, राधिका बोहरा और पिंकी बोहरा के रूप में की गई है। और बेटे पृथ्वी बोहरा (7), जतिल (6) और वकील (3) है।
रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार मध्य रात्रि गौरीकुंड से कुछ मीटर दूर डाट पुलिया में तेज बारिश के दौरान एक बरसाती नाले में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद तीन दूकानें बह गईं, जिससे उसमे रह रहे लोग भी लापता हो गए।
जानकारी के मुताबिक, हादसे में दो दुकानें और एक खोखा मलबे के साथ बह गए। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि हादसे में लापता 12 लोगों की पहचान हो गई है, जिनमें तीन से 14 साल की उम्र के पांच बच्चे भी शामिल हैं। कार्यालय के अनुसार, सूचना मिलने पर रात में ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल रावत ने बताया कि भारी बारिश के कारण बचाव एवं राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास पहाड़ से अभी भी रुक-रुककर पत्थर गिर रहे हैं।
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