Monday , 27 July 2026
BIG BREAKING: हरियाणा सरकार की बड़ी घोषणा

हरियाणा में ज़मीन के रिकॉर्ड अब पूरी तरह ऑनलाइन, घर बैठे मिलेगी सर्टिफाइड कॉपी; तहसील के चक्कर होंगे खत्म

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज़ और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के नागरिक रेवेन्यू हरियाणा पोर्टल के माध्यम से जमाबंदी, म्यूटेशन, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की डिजिटल रूप से प्रमाणित (Certified) कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और स्वीकृति मिलने के बाद उसे घर बैठे डाउनलोड भी कर पाएंगे।

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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि विभाग ने पोर्टल पर एक नया मॉड्यूल शुरू किया है, जिससे भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना और सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।

ऑनलाइन आवेदन से लेकर डाउनलोड तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल

नई व्यवस्था के तहत आवेदक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) के माध्यम से पोर्टल पर लॉग इन कर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान संबंधित दस्तावेज़ का चयन करने के साथ जिला, तहसील और गांव जैसी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। प्रत्येक आवेदन के लिए एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी जारी की जाएगी। इसके बाद आवेदन संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी के पास डिजिटल सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। सत्यापन पूरा होने और निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करने के बाद प्रमाणित दस्तावेज़ स्वतः तैयार होकर आवेदक के डैशबोर्ड पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा।

सभी जिलों में लागू होगी एक समान व्यवस्था

डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के सभी मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों को इस नई प्रणाली को एक समान तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विभाग ने राजस्व अधिकारियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और नागरिकों के लिए विस्तृत यूजर मैनुअल भी तैयार किया है, ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल और सहज बनी रहे।

जानिए कितनी होगी ऑनलाइन फीस

नई व्यवस्था के तहत शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है।

  • म्यूटेशन, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की प्रमाणित प्रति के लिए 100 रुपये का शुल्क तय किया गया है, चाहे दस्तावेज़ कितने भी पृष्ठों का हो।
  • जमाबंदी की प्रमाणित प्रति के लिए पहले 10 पृष्ठों तक 100 रुपये शुल्क लगेगा, जबकि इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त पृष्ठ के लिए 5 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

संपूर्ण भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा, जिसके बाद प्रमाणित दस्तावेज़ डाउनलोड किया जा सकेगा।

पटवारी और राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय

सरकार ने इस नई व्यवस्था में रिकॉर्ड की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पटवारी और राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की है। अपलोड किए गए दस्तावेज़ों में किसी प्रकार के संशोधन की प्रक्रिया केवल निर्धारित सरकारी नियमों के तहत ही की जा सकेगी। इससे रिकॉर्ड की विश्वसनीयता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी।

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