नेशनल डेस्क: कर्नाटक में हिजाब का विवाद अब आग की तरह फैल रहा है। दिसंबर 2021 में एक कॉलेज से शुरू हुआ था, जब एक कॉलेज में क्लास के भीतर हिजाब पहनने के लिए मना कर दिया था। इस पर 8 मुस्लिम छात्राओं ने विरोध किया और कहा कि कॉलेज उन्हें हिजाब पहनने से नहीं रोक सकता क्योंकि ये उनकी धार्मिक स्वतंत्रता है। इसके बाद हिजाब के विरोध में कुछ बच्चों ने भगवा गमछे या शॉल पहनने शुरू कर दिए, जिससे विवाद और बढ़ गया। इसके बाद यह विवाद कई अन्य कॉलेजों में शुरू हो गया। हाल ही में कुछ कॉलेज ने छुट्टी करके इसका हल निकाला तो एक कॉलेज में हिजाब पहनी लड़कियों को अलग बैठा दिया गया। वहीं, इस मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन भी जारी है।
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हिजाब का यह मामला जंगल में आग की तरह फैला
हिजाब का यह मामला जंगल में आग की तरह फैला और फिर देखते ही देखते पूरे कर्नाटक के कई स्कूलों में मुस्लिम लड़कियां हिजाब पहनकर पहुंचने लगीं। पक्ष है तो विपक्ष का होना भी जरूरी है। हिजाब पहनकर आने वाली मुस्लिम लड़कियों के विरोध में बहुत सी हिंदू छात्र भगवा शॉल पहनकर स्कूल आने लगे। यह विवाद अब काफी आगे बढ़ चुका है।

कर्नाटक हाई कोर्ट ने ये कहा
हिजाब मामले के एक बड़े विवाद में तब्दील होने के बीच कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अंतराष्ट्रीय समुदाय हमें देख रहा है और यह अच्छा डेवलपमेंट (विकास या गतिविधि) नहीं है. हाईकोर्ट ने कुछ कॉलेज परिसरों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को कहा कि वह भावनाओं को अलग रखेगा और संविधान के अनुसार चलेगा.
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