एमपी डेस्क: मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर हरकिसी की रूह कांप उठेगी। दरअसल, पति की गैरमौजूदगी मे देवरानी अपने प्रेमी के साथ इश्क लड़ा रही थी। तो वहीं जेठानी ने उसे ऐसा न करने की चेतावनी भी दी। लेकिन प्यार में अंधी हुई देवरानी ने अपने जेठानी और उसकी बेटी को मौंत के घाट उतार दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
ये है पूरा मामला
ये पूरा मामला जबलपुर के बरेला का है। यहां 27 सितंबर की रात से गायब हुई 40 वर्षीय बबली झारिया और उनकी बेटी 20 वर्षीय निशा झरिया की 8 दिन बाद शव बरामद हुआ। शव जमीन में गड़ा हुआ था। 27 सितंबर से लेकर 4 अक्टूबर तक कभी परिजन पुलिस के पास तो कभी मायके वाले पुलिस से बेटी को ढूंढने की गुहार लगाते रहे। छानबीन के दौरान पता चला कि, देवरानी का एक प्रेमी संजू है जिसका घर आना-जाना था। ऐसे में पुलिस संजू को भी पकड़ लेती है। तो वहीं देवर की बातों से साफ हो गया कि घटना के दिन वो कहीं और था।

Read More Stories
- दहेज प्रथा की बली चढ़ी 8 महीने की गर्भवती महिला, निर्ममता से उतारा मौत के घाट
- दुष्कर्म का विरोध करने पर युवक ने युवती को उतारा मौत के घाट,पेट्रोल डालकर लगाई आग
आरोपी ने किया ये बड़ा खुलासा
क्राइम ब्रांच की टीम ने देवरानी और संजू के कॉल डिटेल निकाल लिए। कड़ी पूछताछ पर संजू ने ये तो स्वीकार कर लिया कि उसने ही हत्या की है आरोपी संजू खुलासा करते हुए बताया कि, 27 सितंबर की रात जब बबली वॉशरुम जाने के लिए उठी तो आरोपी उसका गला गमछे से घोंट दिया। फिर उसकी बेटी निशा के कमरे में जाकर उसका गला घोंटकर उसे मार दिया। घर के बाहर सो रहे ससुर के खाने में देवरानी मालती पहले ही नींद की गोलियां मिला दी थी। फिर दोनों के शवों को चादर में बांधकर बाइक पर लेकर काशी महंगवा स्थित कैनाल किनारे झाड़ियों में दफना दिया। तो वहीं प्रेमिका मालती मृतका के कमरे को बाहर से ताला लगा देती है ताकि सभी ये समझे कि मां-बेटी कहीं चली गई हैं।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
