नेशनल डेस्क- कोरोना के डेल्टा वेरिएंट को लेकर अक्सर कई सवाल उठाए जाते हैं, जैसे- क्या कोरोना का ये वेरिएंट सच में दुगनी तेजी से फैलता है?, क्या कोरोना का ये वेरिएंट बच्चों के लिए सबसे खतरनाक है? इसी तरह के कई और सवाल लोगों के मन में आते रहते है लेकिन, ये वेरिएंट कितना घातक है इसके बारे में विशेषज्ञों का क्या कहना है आज हम आपको बताएंगे। विशेषज्ञों की माने तो अभी तक इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि, वायरस का डेल्टा वेरिएंट पुराने वेरिएंट्स की तुलना में बच्चों और किशोरों को बीमार बनाता है, हालांकि डेल्टा ने बच्चों में हो रहे कोरोना संक्रमण में वृद्धि की है, और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि डेल्टा वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है।
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वहीं, फ्लोरिडा में पीटर्सबर्ग स्थित जॉन्स हॉपकिन्स ऑल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में काम करने वाली बाल चिकित्सा संक्रामक रोग की डॉ ने कहा, डेल्टा वेरिएंट की ज्यादा आसानी से फैलने की क्षमता इसे बच्चों के लिए और घातक बनाती है। यही कारण है कि स्कूलों में मास्क की आवश्यकता और उन लोगों के लिए टीकाकरण की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
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180 देशों में डेल्टा संस्करण की पहचान
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी बच्चों में साप्ताहिक संक्रमण दर 250,000 से ऊपर रही, जो सर्दियों में मिले आंकड़े से भी ज्यादा है। महामारी शुरू होने के बाद से, अमेरिका में 5 मिलियन से अधिक बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, करीब 180 देशों में डेल्टा संस्करण की पहचान की गई है। उनमें से कई में, मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संख्या में भी वृद्धि हुई है, इसमें छोटे बच्चे और किशोरों की संख्या ज्यादा है।
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