हिमाचल डेस्क: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह का लंबी बीमारी से जूझने के बाद गुरुवार तड़के निधन हो गया। कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह ने 87 साल की उम्र में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, शिमला में आखिरी सांस ली। वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए शिमला के लोअर जाखु इलाके में स्थित होली लॉज में उनके आवास में रखा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार 10 जुलाई को रामपुर में होगा
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वे दो बार कोरोना वायरस से ग्रसित पाए गए थे
बता दें, 12 अप्रैल को 11 जून को वह दो बार कोरोना वायरस से ग्रसित पाए गए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत अक्सर खराब रहने लगी। वह नौ बार विधायक और पांच बार सांसद भी रह चुके हैं।
केंद्रीय पर्यटन और विमानन राज्य मंत्री भी रहे वीरभद्र
वीरभद्र सिंह ने 1983 से 1985 तक पहली बार, 1985 से 1990 तक दूसरी बार, 1993 से 1998 तक तीसरी बार, 1998 में कुछ दिन के लिए चौथी बार, 2003 से 2007 तक पांचवीं बार और 2012 से 2017 तक छठी बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। वे UPA सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री भी रहे। उनके पास सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भी रहा। इससे पहले वे इंदिरा गांधी की सरकार में दिसंबर 1976 से 1977 तक केंद्रीय पर्यटन और विमानन राज्य मंत्री रहे। वे 1982 से 1983 तक केंद्रीय उद्योग राज्यमंत्री रहे।

3 दिन तक होगा राजकीय शोक
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद प्रदेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आज गुरवार को सरकारी दफ्तरों में सरकार ने एक दिन का अवकाश घोषित किया है। शोक के दौरान प्रदेश में कोई सरकारी मनोरंजन संबंधी कार्यक्रम नहीं होंगे। प्रदेश के सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे। तीन दिन तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश में आठ से 10 जुलाई तक राजकीय शोक रहेगा।
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