हरियाणा डेस्क: हरियाणा में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है। ऐसे में कड़ाके की ठंड ने ठिठुरन और ज्यादा बढ़ा दी है। तो वहीं लगातार हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में जलभराव होने से सब्जियों की फसलों में भारी नुकसान का अंदेशा है। कृषि विशेषज्ञों ने गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों में नुकसान का अंदेशा जताया है। किसानों ने सरकार से गिरदावरी कराकर मुआवजे की मांग की है।
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इऩ जगहों पर हुई इतनी बारिश
पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला आदि जिलों में दूसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। पंचकूला में शनिवार को दोपहर बाद शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार शाम तक जारी रहा। इस दौरान सर्वाधिक 69 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 57 और इसके बाद शाम तक 12 एमएम बारिश हुई। इसी तरह कुरुक्षेत्र में रविवार शाम तक कुल 53, अंबाला में 45.8, यमुनानगर में 35 एमएम बारिश हुई। वहीं, रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक हिसार में 21.6, रोहतक में 23.6, गुरुग्राम में 22.5 बारिश हुई।

घना कोहरा, कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार से कड़ाके की सर्दी (कोल्ड-डे) और 25 से 27 तक शीतलहर की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में घना कोहरा छाने का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। एक से 23 जनवरी तक प्रदेश में 67.3 एमएम औसत बारिश हो चुकी है। जो 720 फीसदी ज्यादा है। इस अवधि में हरियाणा में सामान्य तौर पर 8.2 एमएम बारिश होती है। रविवार को प्रदेश में 11.8 एमएम औसत बारिश हुई।
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