हिमाचल में मानसून के दौरान बाढ़, भूस्लखन, बादल फटने और सर्दियों में भयंकर हिमपात और गर्मियों में वनों में आग जैसी घटन्एं सामने आती रहती हैं। तो वहीं प्राकृतिक आपदाओं से तत्काल प्रभाव से निपटने के लिए कांगड़ा जिला के नूरपुर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की बटालियन तैनात की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्या नंद राय ने सांसद प्रोफेसर सिकंदर कुमार को राज्यसभा में बताया कि बटालियन की विभिन्न टीमों को शिमला जिला के रामपुर, सोलन जिला के नालागढ़ तथा मंडी जिला के सलापड़ और द्रंग में तैनात किया गया है।
आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, लेकिन केंद्र सरकार प्रकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार को लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सहायता प्रदान करती है, ताकि राज्य सरकार के प्रयासों को बल मिल सके और आपदा पर तत्काल प्रभावी तरीके से काबू पाया जा सके। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने सांसद को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए उपायों के फलस्वरूप आपदा प्रबंधन, तैयारियों, रोकथाम और जवाबी कार्रवाई में काफी सुधार हुआ है, जिसकी वजह से प्रकृतिक आपदा के दौरान जान और मॉल की हानि को काफी हद तक रोकने में सफलता मिली है।
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