नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने यूक्रेन बॉर्डर पर फंसे हजारों छात्रों को बड़ी राहत दी है। सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन छात्रों के लिए कोरोना गाइडलाइन में संशोधन कर दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!- ये संशोधन मानवीय आधार पर सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए ही है। अब इन लोगों को कोरोना टेस्ट कराने और उसकी रिपोर्ट को अपलोड करने की अनिवार्यता से छूट मिल जाएगी।
- इन छात्रों को अब एयरपोर्ट पर उड़ान भरने से पहले और लौटने के बाद किसी भी तरह की दिक्कत पेश नहीं आएगी।
- इस गाइडलाइन के मुताबिक, ‘भारतीय नागरिक या छात्रों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए जरूरी कागजात जैसे- आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट या कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य नहीं होगा।
- छात्रों को प्रस्थान करने से पहले एयर सुविधा पोर्टल पर छूट दी गई है। साथ ही जिन छात्रों ने कोरोना का वैक्सीन ले लिया है, उन्हें भारत आने के बाद एयरपोर्ट से घर जाने की अनुमति भी दी जाएगी, बशर्ते वह 14 दिन आइसोलेशन में रहें।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि, जिन छात्रों के पास न तो आरटीपीसीआर टेस्ट और न ही वैक्सीनेशन सर्टफिकेट है, वैसे छात्रों को भी देश लौटने के बाद एयरपोर्ट पर ही कोरोना जांच किया जाएगा।
- अगर छात्रों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर अगले 14 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा।
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