करनाल, 29 अगस्त : प्रदेश के विकासशील शहर में पुलिस फोर्स व संसाधन की कमी का अपराधी बखूबी फायदा उठा रहे हैं। पिछले कुछ समय से शहर और उसके आसपास के इलाकों में लगातार हो रही छीना झपटी, चोरी, लूट, डकैती व हत्या की वारदातों से शहरवासियों के मन में असुरक्षा का भाव घर करगया है। पुलिस के लिए मुश्किल इस बात की है कि जब तक वह एक मामला सुलझाने में सफल होते है तब तक दूसरा मामला चुनौती बनकर उनके सामने आ जाता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एक ओर प्रदेश सरकार जहाँ करनाल शहर को स्मार्ट सिटी बनने मे भी जुटा है। वहीं14 लाख की आबादी वाले इस शहर में सुरक्षा व्यवस्था को ग्रहण लगने के कारण करनाल शहर के स्मार्ट बनने के मायने भी फीके लगने लग गए है।
वहीं इस बारे में करनाल पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र भौरिया का कहना है कि रिसोर्सेस तो कभी भी पूरे नहीं होते है। अभी जितने भी रेसौर्सेस हैं उनका पूरा पूरा उपयोग किया जा रहा है। पुलिस के लिए दूसरा शक्ति संसाधन है शहर की मुख्य जगहों पर लगे सी सी टीवी कैमरे जिसकी वजह से ट्राफिक नियमों को कंट्रोल करने में काफी मदद मिल रही है। पुलिस अधीक्षक ने माना की 13-14 लाख आबादी वाले शहर में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस मैंन पॉवर की कमी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उनके पास 1600 मुलाजिम है जिनकी और ड्यूटी भी रहती है।
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