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पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर बनेगा सख्त कानून, जनता से मांगे जाएंगे सुझाव

पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर बनेगा सख्त कानून, जनता से मांगे जाएंगे सुझाव

चंडीगढ़, 24 जुलाई 2025:  धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं पर अब पंजाब में सख्ती का दौर शुरू होने जा रहा है। पंजाब सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर एक ठोस और प्रभावी कानून लाने की तैयारी में है। इसके लिए विधानसभा में 15 सदस्यीय सिलेक्ट कमेटी का गठन किया गया है, जिसने सोमवार को अपनी पहली बैठक की।

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कमेटी के चेयरमैन और आप विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि रिपोर्ट छह महीने से पहले ही विधानसभा स्पीकर को सौंप दी जाएगी। कानून निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी और जनसमर्थित बनाने के लिए जनता से सुझाव मांगे जाएंगे, जिन्हें ईमेल, वॉट्सऐप और डाक के जरिए भेजा जा सकेगा। इस प्रक्रिया की रणनीति कमेटी की अगली बैठक में तय की जाएगी।


बैठकों का सिलसिला शुरू, हर हफ्ते होगी चर्चा

पहली बैठक में 13 सदस्य उपस्थित रहे और अगली बैठक मंगलवार दोपहर 2:30 बजे रखी गई है। कमेटी ने संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यक हुआ, तो सब-कमेटियां भी गठित की जाएंगी ताकि काम में तेजी लाई जा सके।


117 विधायक भी दे सकते हैं सुझाव

डॉ. निज्जर ने कहा, “पंजाब के 117 विधायक अगर इस विषय पर कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो उनका भी स्वागत है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार प्रयास रहेगा कि पिछली बार जो कानूनी कमजोरियाँ रह गई थीं, उन्हें पूरी तरह दूर किया जाए।


कौन हैं इस कमेटी में

इस विशेष कमेटी में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के विधायक, पूर्व मंत्री और शिक्षाविद शामिल हैं। कमेटी का नेतृत्व कर रहे हैं डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, जो पूर्व मंत्री और आप पार्टी के वरिष्ठ विधायक हैं।


जनता से अपील: कानून में दें अपनी भागीदारी

सरकार चाहती है कि यह कानून न केवल कानूनी रूप से मज़बूत हो, बल्कि जनता की भावनाओं और धार्मिक संवेदनाओं का भी पूरा सम्मान करे। इसलिए आम जनता को सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

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