चंडीगढ़,13अगस्त। पाकिस्तान की कुख्यात कोट लखपत जेल में 36 साल से बंद भारत के गजानंद शर्मा सोमवार को पंजाब के अटारी स्थित सडक मार्ग से वतन लौट आए। पाकिस्तानी जेल में भीषण यातनाओं के कारण गजानंद की हालत विक्षिप्त सी दिखाई दे रही थी। वे मीडिया से बात करने की स्थिति में नहीं थे। लेकिन मातृभूमि पर दोबारा कदम पडऩे पर उनकी आंखों में चमक साफ नजर आई। गजानंद ने भारत की धरती पर कदम रखा तो परिजनों को देख उनकी आंखें भर आईं। वह 36 वर्ष पहले लापता हो गए थे। इसी वर्ष उनके पाकिस्तान की जेल में बंद होने के बारे में पता चला था।गजानंद शर्मा सहित सोमवार को 30 भारतीय कैदी पाकिस्तान जेल से रिहा होने के बाद वाघा सीमा से भारत पहुंचे। इनमें से 3 सिविल नागरिक, जबकि 27 भारतीय मछुआरे हैं। गजानंद की मानसिक हालत ठीक नहीं है। उधर, भारत की जेलों से पाक नागरिकों को भी रिहा किया गया है।
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जयपुर से वाघा सीमा पर गजानंद शर्मा को लेने पहुंचे सहदेव शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने गजानंद शर्मा को भारत लाकर देश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा दिया है। कुछ दिन पहले गजानंद शर्मा की पत्नी मखनी देवी और बेटे मुकेश ने दिल्ली में विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से मुलाकात की थी।जयपुर से करीब 36 साल पहले अप्रेल 1982 में लापता हुए एक व्यक्ति के पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद होने का मामला सामने आया था । जयपुर जिले के सामोद थाना इलाके में गांव महारकलां के 65 वर्षीय निवासी गजानंद शर्मा की भारतीय राष्ट्रीयता की पुष्टि के संबंध में पाक जेल से दस्तावेज यहां आए थे । इसके बाद पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण कार्यालय से दस्तावेज सत्यापन के लिए सामोद थाना पुलिस को भेजे गए। जब पुलिस ने गजानंद के परिजनों को तलाश कर उनसे संपर्क किया और गजानंद के पाक जेल में होने की जानकारी दी जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया था।
पाक जेल के दस्तावेजों में गजानंद शर्मा की फोटो देखकर उनके छोटे बेटे मुकेश शर्मा ने दावा किया कि वो उनके पिता ही है। गजानंद शर्मा के परिवार में उनकी 62 वर्षीय पत्नी मखनी देवी, दो बेटे राकेश, मुकेश, बहुएं और पोते हैं। गजानंद की पत्नी मखनी देवी ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते थे वह अक्सर घर से बाहर ही रहते थे। वह कभी कभार ही घर आते थे। मखनी देवी ने बताया कि वर्ष 1982 में एक दिन उनके पति गजानंद घर से बिना बताए निकल गए थे। इसके बाद वह फिर लौटकर नहीं आए। उनकी तलाश में मखनी देवी अपने रिश्तेदारों के साथ कई जगहों पर भटकी। संभावित जगहों पर पति को तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला।
पाकिस्तानी दस्तावेजों के अनुसार गजानन्द शर्मा फॉरेनर्स एक्ट में वहां की जेल में बंद थे। भारत सरकार के अनुसार गजानन्द के साथ पाकिस्तान की जेल में बंद राजस्थान के बूंदी जिले के युवराज और अजमेर के जयसिंह के प्रमाणीकरण के लिए भी फाइल राजस्थान सरकार के गृह विभाग को भेजी गई है। युवराज पिछले पांच साल से लापता था। अब उसके कराची जेल में बंद होने की जानकारी मिली है। पाकिस्तान में घुसने के बाद लाहौर से ट्रैन में झेलम जाते समय युवराज पकडा गया था।
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