हिसार, हरियाणा: हिसार के मैयड़ गांव स्थित अंतरराष्ट्रीय सिद्ध महामृत्युंजय व ज्योतिष एवं योग अनुसंधान केंद्र में विश्व का सबसे बड़ा स्थाई महामृत्युंजय यंत्र तैयार हो चुका है। यह यंत्र 52 फीट लंबा और 52 फीट चौड़ा है, जो स्वामी सहजानंद नाथ के दशकों पुराने सपने का परिणाम है। स्वामी सहजानंद का मानना है कि यह यंत्र मानवता के कल्याण और पर्यावरण शुद्धि में योगदान देगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस यंत्र का शिलान्यास 7 दिसंबर 2024 को हिसार की विधायक और देश की सबसे धनी महिला सावित्री जिंदल ने किया था। इस त्रिआयामी मेरु पृष्ठाकार डिजाइन वाला यंत्र आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा और भविष्य में एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा।
प्रख्यात ज्योतिषी प्रद्युम्न के अनुसार, यह यंत्र अध्यात्म और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनेगा, जो मानसिक शांति और पर्यावरण जागरूकता फैलाएगा। स्वामी सहजानंद का उद्देश्य इस मॉडल को देश और विदेशों में फैलाना है।
महामृत्युंजय संस्थान ने एक अनूठी पहल करते हुए इस यंत्र से मिलने वाली सारी दान राशि को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है। यह राशि वृक्षारोपण और पर्यावरणीय कार्यों में खर्च की जाएगी।
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