शिमला, अगस्त 2025 – हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव की एक अनोखी शादी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां की हट्टी जनजाति की ‘जोड़ीदार प्रथा’ के तहत एक लड़की ने दो भाइयों से शादी की है, जो आम पारंपरिक शादी से काफी अलग है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या है ‘जोड़ीदार प्रथा’?
‘जोड़ीदार प्रथा’ हिमाचल प्रदेश की हट्टी जनजाति की एक पुरानी बहुपति विवाह की परंपरा है, जिसमें एक लड़की एक साथ दो या अधिक पुरुषों (आमतौर पर भाई) से शादी करती है। इसे लोकल भाषा में ‘जजड़ा’ के नाम से भी जाना जाता है। इस परंपरा का उद्देश्य परिवार में संपत्ति का संरक्षण और संसाधनों का साझा उपयोग सुनिश्चित करना होता है।
दो भाइयों ने किया साझा विवाह
शिलाई गांव के प्रदीप और कपिल नेगी ने अपनी सहमति से इस प्रथा के तहत एक लड़की से शादी की है। दोनों भाइयों ने फेसबुक पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और उन्होंने इसे अपने मन से अपनाया है। कपिल नेगी ने कहा,
“हमें कोई मजबूरी नहीं, यह हमारा आपसी फैसला था।”
शादी कैसे निभाई जाती है?
जोड़ीदार प्रथा में पति-पत्नी आपसी सहमति से तय रात या सप्ताह में अपने पतियों के साथ समय बिताते हैं। इससे उत्पन्न बच्चों की परवरिश पूरे परिवार द्वारा की जाती है, जबकि कानूनी तौर पर सबसे बड़े भाई को बच्चों का पिता माना जाता है।
कानूनी स्थिति और सामाजिक पहलू
भारत में बहुपति विवाह गैरकानूनी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में यह प्रथा सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित है। सिरमौर जिले के गिरीपार क्षेत्र में यह परंपरा राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज है। यहाँ बच्चों को दोनों पतियों की संपत्ति में हिस्सा मिलता है, जो इसे और भी खास बनाता है।
क्यों बनीं चर्चा का विषय?
सोशल मीडिया पर इस प्रथा की चर्चा इसलिए बढ़ रही है क्योंकि यह आज के आधुनिक समय में विवाह और परिवार के स्वरूप को लेकर नई सोच को जन्म देती है। जहां ज्यादातर समाजों में एक पुरुष-एक महिला की शादी सामान्य है, वहीं इस प्रथा में परिवार की परंपरागत सोच, सहयोग और साझेदारी झलकती है।
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