चंडीगढ़, 24 जुलाई — हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और मध्यम वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से एक बड़ा और सराहनीय निर्णय लिया है। राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने घोषणा की है कि अब ₹40 लाख से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी पुनः लागू की जाएगी। इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा, आमजन को होगा लाभ
राज्य सरकार का यह कदम न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रोत्साहन देगा, बल्कि प्रदूषण मुक्त और टिकाऊ परिवहन के लक्ष्य को भी मजबूती देगा। अभी तक यह सब्सिडी सिर्फ 40 लाख रुपये से महंगे वाहनों पर मिलती थी, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर थी। अब मध्यम वर्ग भी इसका लाभ उठा सकेगा।
“हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना तभी सार्थक होगा, जब इसका सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंचे,”
— राव नरबीर सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, हरियाणा
नई MSME नीति और औद्योगिक विकास पर फोकस
राव नरबीर सिंह ने नई MSME नीति के मसौदे की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इसमें मध्यम वर्ग, स्टार्टअप्स और हरित ऊर्जा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जाए। 2019 की नीति में आवश्यक संशोधन जल्द किए जाएंगे और नई नीति को जल्द ही लागू किया जाएगा।
केंद्र से समय पर मिले फंड, उद्योगों को न हो रुकावट
मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि भारत सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि (फंड) की प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों, ताकि औद्योगिक विकास में कोई बाधा न आए।
हरियाणा का भौगोलिक लाभ बनेगा औद्योगिक हथियार
हरियाणा की रणनीतिक स्थिति को एक बड़ा लाभ मानते हुए, मंत्री ने कहा कि दिल्ली और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के समीपता को निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक आधुनिक और समावेशी औद्योगिक नीति के रूप में बदलना होगा।
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