चंडीगढ़, 28 सितंबर: हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से नवजात शिशुओं और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को बढ़ावा देने के लिए विशेष ‘स्तनपान जागरूकता’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत माताओं और परिवारों को स्तनपान के महत्व के साथ-साथ सही समय और तरीके के बारे में जानकारी दी जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए पहला आहार और प्राकृतिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत है। उनके अनुसार, स्तनपान शिशु के विकास के साथ-साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
बच्चे के लिए मां के दूध के कई फायदे
प्रवक्ता के अनुसार, मां का दूध शिशु को संक्रमण और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। यह बच्चे के मस्तिष्क और शारीरिक विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है और आसानी से पच भी जाता है।
विभाग के मुताबिक, स्तनपान से बच्चों में दस्त, एलर्जी और संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। मां का दूध स्वच्छ, सुरक्षित और बच्चे के लिए आसानी से उपलब्ध आहार भी है।
मां की सेहत के लिए भी फायदेमंद
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, स्तनपान कराने से मां के स्वास्थ्य को भी कई तरह के लाभ मिलते हैं। इससे प्रसव के बाद गर्भाशय को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद मिलती है और मां तथा बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि स्तनपान से स्तन और अंडाशय के कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा प्रसव के बाद वजन कम करने में भी यह सहायक हो सकता है।
जन्म के एक घंटे के भीतर शुरू करें स्तनपान
विभाग ने स्तनपान को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए हैं। प्रवक्ता के अनुसार, बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना चाहिए।
शुरुआती 6 महीने तक शिशु को केवल मां का दूध देने की सलाह दी गई है। इसके बाद बच्चे को उपयुक्त पूरक आहार देना शुरू किया जाना चाहिए और साथ में स्तनपान जारी रखा जा सकता है। विभाग के अनुसार, स्तनपान बच्चे की 2 वर्ष या उससे अधिक उम्र तक जारी रखा जा सकता है।
स्तनपान कराने वाली माताएं रखें इन बातों का ध्यान
विभाग ने माताओं से खुद भी पौष्टिक और स्वच्छ भोजन लेने तथा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने की अपील की है। पर्याप्त आराम करने के साथ-साथ धूम्रपान, शराब और किसी भी तरह के नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
स्तनपान कराने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना भी जरूरी बताया गया है। परिवार के सदस्यों से अपील की गई है कि वे माताओं को पर्याप्त सहयोग और प्रोत्साहन दें।
हेल्पलाइन से ले सकते हैं जानकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभियान के तहत ‘मां का दूध अनमोल है-इसे अपनाएं, बच्चे का भविष्य सुरक्षित बनाएं’ का संदेश दिया है।
किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग की वेबसाइट पर भी स्तनपान और महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
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