पंचकूला, 24 जुलाई 2025 – हरियाणा की जेल व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। राज्य के नए महानिदेशक (डीजी) जेल, आलोक राय, ने आज अपना कार्यभार संभाल लिया है। पद ग्रहण करते ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कैदियों के सुधार पर जोर देने की मंशा स्पष्ट कर दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ओवरक्राउडिंग की चुनौती, समाधान की पहल
हरियाणा में फिलहाल 20 जेलें हैं – जिनमें 17 जिला जेल और 3 केंद्रीय जेल शामिल हैं। इनकी कुल क्षमता लगभग 22,000 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में 27,000 से अधिक कैदी बंद हैं। ओवरक्राउडिंग से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा नए जेल निर्माण की प्रक्रिया तेज़ की गई है।
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रेवाड़ी में नई जेल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिसका उद्घाटन 15 जून को मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
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रोहतक में हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य भी तेज़ी से चल रहा है, जहां गैंगस्टर और संगठित अपराधियों को रखा जाएगा।
सुरक्षा के लिए तकनीक का सहारा
डीजी राय ने जेल सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने के निर्देश दिए हैं।
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1350 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सभी जेल परिसरों में लगाए गए हैं।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम की मदद से अब कैदियों की पेशी अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गई है।
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तकनीकी उपकरणों से जेलों के भीतर और आसपास की गतिविधियों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है।
कैदियों के लिए मानवीय और सुधारात्मक पहल
आलोक राय की प्राथमिकता सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि सुधार भी है।
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महिला और पुरुष कैदियों के लिए अलग-अलग सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
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जेल कैंटीन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि कैदियों को स्वस्थ और स्वच्छ खानपान मिले।
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हस्तशिल्प कार्य को प्रोत्साहित कर कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना शुरू की गई है।
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जेल परिसरों में गोशालाओं की स्थापना से स्वावलंबन और सेवा का वातावरण तैयार किया जा रहा है।
जेल स्टाफ को सतर्कता के निर्देश
डीजी राय ने जेल स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जेल परिसरों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बाहरी आपराधिक संपर्क पर कड़ी नजर रखी जाए और समय रहते कठोर कार्रवाई की जाए
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