दिल्ली,31 जनवरी: हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, विरासत और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार मिलकर विशेष कार्ययोजना तैयार करेगी। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की तर्ज पर हरियाणा के पर्यटन को दुनिया के मानचित्र पर लाने का यह सही समय है।
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इस संदर्भ में हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की और उन्हें 7 फरवरी से फरीदाबाद में आयोजित होने वाले 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के उद्घाटन का औपचारिक निमंत्रण दिया। बैठक के दौरान हरियाणा के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और सूरजकुंड मेले की भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
सूरजकुंड मेला बनेगा वैश्विक आकर्षण केंद्र
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सूरजकुंड मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी लोकप्रिय बनाने के लिए आगामी संस्करणों में बड़े देशों को सहयोगी राष्ट्र के रूप में शामिल किया जाएगा। इससे भारत और अन्य देशों के बीच सांस्कृतिक, शिल्पकला और हथकरघा क्षेत्र में आपसी मेलजोल बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेले के कार्यक्रम कैलेंडर को वैश्विक स्तर पर तय किया जाना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, पर्यटकों और प्रतिभागियों को मेले में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का मौका मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय मेलों की तर्ज पर सूरजकुंड में भी थीम आधारित आयोजन किए जाएं, जिससे इसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर प्रमोट किया जा सके।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से और आकर्षक बनेगा मेला
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि इस बार सूरजकुंड मेला पूरी तरह डिजिटल टेक्नोलॉजी से लैस होगा।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी।
कलाकारों और स्टॉल्स पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे पूरी पारदर्शिता के साथ निगरानी हो सके।
मेले में आने वाले लाखों आगंतुकों को डिजिटल अनुभव मिलेगा।
50 देशों के कलाकार और 15 राज्यों के लजीज व्यंजन होंगे खास आकर्षण
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस बार मेले में थीम स्टेट मध्य प्रदेश और ओडिशा को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
बिम्सटेक देशों समेत 50 देशों के कलाकार, बुनकर और शिल्पकार मेले में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।
15 राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ आम लोग उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सांस्कृतिक विविधता को एकजुट करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इस दिशा में सूरजकुंड मेला भारतीय संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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