पंचकूला, 8 अगस्त 2025 — हरियाणा की जेलों में बंद हार्डकोर अपराधियों पर अब कानून का शिकंजा और कसता नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने इन अपराधियों के जेल से चलाए जा रहे आपराधिक नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत राज्य स्तर पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर इन नेटवर्क्स की गहराई से पड़ताल करेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह अहम घोषणा हरियाणा कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक कुमार राय ने शुक्रवार को पंचकूला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उन्होंने बताया कि अब जेलों में होने वाली आपराधिक और अवैध गतिविधियों की जांच जिला स्तर पर नहीं बल्कि स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की मिलीभगत या लापरवाही पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
जेलों से 21 मोबाइल बरामद, 27 गैंगस्टर बंद
आलोक कुमार राय ने खुलासा किया कि पिछले छह महीनों में राज्य की विभिन्न जेलों से 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस संबंध में सख्त चेतावनी भी दी गई है कि यदि किसी जेल कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
राज्य की जेलों में इस समय करीब 27,000 कैदी बंद हैं, जिनमें से 27 कुख्यात गैंगस्टर हैं। इन गैंगस्टरों को एक-दूसरे से अलग रखने के लिए कई बार जेल ट्रांसफर भी किया गया है।
नशे की आपूर्ति अब भी चिंता का विषय
महानिदेशक ने माना कि जेलों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को पूरी तरह रोका नहीं जा सका है। इस साल अब तक 20 मामले ऐसे सामने आ चुके हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि तस्करी के प्रयास अब भी जारी हैं।
जेल क्षमता से ज्यादा कैदी, स्टाफ की कमी चुनौती
हरियाणा की जेलों की कुल क्षमता 22,000 कैदियों की है, लेकिन इस समय इनमें 27,000 कैदी ठूंसे गए हैं। इस ओवरलोड को कम करने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके अलावा रोहतक में हाई-सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जो अगले तीन महीनों में पूरा हो जाएगा।
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