नई दिल्ली, 8 जनवरी – केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में यमुना नदी के सरप्लस पानी को राजस्थान को उपलब्ध कराने के लिए एक नई योजना पर चर्चा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक के बाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि यमुना के अतिरिक्त (सरप्लस) पानी को राजस्थान के विभिन्न जिलों में पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोग में लाने की योजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए जल्द ही हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों की एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स योजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि बरसात के दिनों में यमुना नदी में अतिरिक्त पानी आता है, जिसे इस योजना के तहत राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना में अपर यमुना रिवर बोर्ड को भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर हरियाणा और राजस्थान के बीच एक पूर्व एमओयू (सहमति पत्र) हो चुका है, और बैठक में इसी एमओयू के आधार पर आगामी कार्यवाही पर चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में सेम की समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से तकनीकी सहायता की भी मांग की। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने इस मुद्दे पर शीघ्र ही विशेषज्ञों की एक टीम हरियाणा भेजने का आश्वासन दिया।
यह बैठक दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे यमुना के अतिरिक्त पानी का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा और राजस्थान के जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, हरियाणा में सेम की समस्या के समाधान के लिए भी केंद्रीय सहायता की संभावना बढ़ी है।
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