हरिद्वार, 27 जुलाई 2025 : उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थल मनसा देवी मंदिर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। सुबह दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 28 अन्य घायल हुए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर की सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बेकाबू हो गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हादसे की वजह: सावन और रविवार की दोहरी भीड़
हर रविवार की तरह इस बार भी मनसा देवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। सावन के पवित्र महीने में माता के दर्शन के लिए भीड़ का दबाव और अधिक था। सुबह से ही श्रद्धालु कतारों में लगे थे और जैसे-जैसे समय बढ़ा, धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी अफरातफरी में मंदिर की सीढ़ियों पर संतुलन बिगड़ा और भगदड़ मच गई।
मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
“हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय पुलिस तथा अन्य बचाव दल मौके पर राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। मैं लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा हूं और माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
प्रशासन पर उठे सवाल
हर साल सावन में भारी भीड़ की संभावना के बावजूद भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की जान जाने के बाद अब यह जरूरी हो गया है कि मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल इमरजेंसी प्लान और भीड़ नियंत्रण तकनीकों को सख्ती से लागू किया जाए।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
