चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए एक नई योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का गोल्डन आवर के दौरान और अधिकतम 7 दिनों तक, प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का इलाज निःशुल्क किया जाएगा।
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दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के बाद अस्पताल प्रबंधन उसकी जानकारी सॉफ्टवेयर में अपलोड करता है। यह जानकारी संबंधित पुलिस थाने को भेजी जाती है, जो 6 घंटे के भीतर यह पुष्टि करता है कि व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ है। पुष्टि होते ही कैशलैस इलाज शुरू हो जाता है।
पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, राज्य स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के सामूहिक प्रयास से यह योजना लागू की जा रही है। यह व्यवस्था मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत संचालित होगी।
सड़क सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम:
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वर्ष 2024 में कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं:
सड़क हादसों में गिरावट:
2023 की तुलना में 2024 में 616 कम सड़क हादसे हुए। इसके अलावा, दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या 251 और घायलों की संख्या 403 कम हुई।
जागरूकता अभियान:
जनवरी से नवंबर 2024 के बीच 2,166 सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अभियानों में 2.91 लाख से अधिक बच्चों और लोगों ने भाग लिया।
विशेष अभियान:
लेन ड्राइविंग और ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ 6 विशेष अभियान चलाए गए। इसके तहत 27,321 वाहनों का चालान किया गया।
ब्लैक स्पॉट्स का सुधार:
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित कर संबंधित विभागों के सहयोग से सुधार कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में सड़क सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों ने वर्ष 2024 में अक्टूबर तक 107 बैठकें आयोजित की हैं।
स्कूल बसों की जांच:
सड़क सुरक्षा के तहत 19,261 स्कूल बसों की जांच की गई, जिनमें से 4,657 बसों का चालान किया गया।
डीजीपी की अपील:
महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने आम जनता से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। वाहन चलाते समय गति सीमा का ध्यान रखें, मोबाइल फोन का उपयोग न करें और लापरवाही से बचें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
यह पहल हरियाणा में सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए एक बड़ा कदम है। इससे न केवल जानमाल की हानि को कम किया जा सकेगा, बल्कि जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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