हरियाणा डेस्क: हिसार में आज के किसान आंदोलन के बाद किसान नेताओं पर प्रशासनिक अधिकारियों के बीच 2 घंटे से अधिक चली बैठक में आपसी सहमति बन गई है। किसान नेताओं का दावा है कि प्रशासन ने 1 महीने के अंदर हिसार की 16 मई की घटना के बाद किसानों के ऊपर दर्ज केस वापस लेने का वादा किया है। 1 महीने के अंदर प्रशासन की तरफ से लीगल ओपिनियन लिया जाएगा जिसके बाद 16 मई की घटना में दर्ज सभी किसानों के केस वापस ले लिए जाएंगे। इस मीटिंग में उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी मंडलायुक्त चंद्रशेखर पुलिस अधिकारी ने किसानों की 26 सदस्य कमेटी में आपस में बातचीत करके यह फैसला लिया है।
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किसानों की तरफ से देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के लिए बनाई गई 40 सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा कमेटी के सदस्य राकेश टिकैत अशोक धावले हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, पंजाब के किसान नेता राज्जेवाला सहित कई बड़े किसान नेता और 16 मई की घटना के बाद हिसार में आई जी के साथ हुई बैठक में शामिल 11 सदस्य ही किसान कमेटी के सदस्य शामिल थे। इस बैठक में साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आज के किसान प्रदर्शन के दौरान उगेलन निवासी किसान रामचंद्र की मृत्यु के बाद उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।

किसान नेता राकेश टिकैत ने ये कहा..
बैठक के बाद बाहर निकले किसान नेताओं में से राकेश टिकैत ने बताया कि दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन गई है फिलहाल 16 मई की घटना के केस को वापस लेने की सहमति बनी है पूरे किसान आंदोलन में दर्ज किसानों के खिलाफ पुलिस केस वापस लिए जाने के लिए दिल्ली में बड़े आंदोलन के दौरान मांग रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की बात पर विश्वास करना ही होगा अगर 1 महीने के बाद भी केस वापस नहीं लिए जाते हैं तो उनके पास फिर से आंदोलन का रास्ता बचता है।
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