Saturday , 25 July 2026

रूपनगर में श्री भट्ठा साहिब गुरुद्वारा पहुंचे CM भगवंत मान, प्रकाश पर्व पर दरबार में नतमस्तक

रूपनगर: पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान ने आज अपनी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 358वें पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब, रूपनगर में हाजिरी लगाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब के दरबार में नतमस्तक होते हुए उनके आशीर्वाद प्राप्त किए और गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में जानकारी ली।

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मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनका परिवार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुद्वारे पहुंचे। वे करीब आधे घंटे तक गुरुद्वारे में रहे, इस दौरान उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को लेकर श्रद्धा प्रकट की और समाज में उनके योगदान को याद किया।

 

मुख्यमंत्री मान ने कहा- “गुरुओं ने हमारी कौम के लिए लड़ाई लड़ी”

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व पर मैं परिवार के साथ गुरु दरबार में हाजिरी लगाने आया हूं। हमारे गुरुओं ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संघर्षों में भी हमारी कौम के लिए जंग लड़ी है। उन्होंने हमें मुसीबतों का सामना करने और हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।”

 

सीएम मान ने आगे कहा, “हमारे गुरुओं ने ऐसी लड़ाइयाँ लड़ीं, जिनमें एक तरफ लाखों हमलावर होते थे और दूसरी ओर अकेला हमारा गुरु खड़ा होता था। ये वही लड़ी हुई लड़ाइयाँ थीं जिन्होंने हमें एकजुट किया। यही कारण है कि हम गर्व से कहते हैं, ‘सवा लाख से एक लड़ाऊं, तां गोबिंद सिंह नाम कहाऊं’।”

 

गुरुओं की शिक्षाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन को जितना अधिक पढ़ा जाएगा, उतना ही हम उनके विचारों और संघर्षों में डूबते जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु साहिब का जीवन केवल धार्मिक संघर्षों का प्रतीक नहीं था, बल्कि उन्होंने हमें संघर्ष, साहस और न्याय की राह दिखायी। “गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं में शक्ति, साहस और सत्य की जो बातें हैं, वे हमें हर मुश्किल समय में मार्गदर्शन देती हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।

 

गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब का महत्व

गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब, रूपनगर, वह ऐतिहासिक स्थल है जहां गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने अनुयायियों के साथ महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक कार्य किए थे। यह स्थान ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी इसके गहरे महत्व हैं। हर साल प्रकाश पर्व के मौके पर यहां लाखों श्रद्धालु गुरु साहिब के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करने के लिए एकत्रित होते हैं।

 

समग्र विकास और समाज में एकता की आवश्यकता

सीएम मान ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि आज के दिन हमें गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए अपने समाज में शांति, भाईचारे और एकता को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सबको मिलकर अपने समाज को मजबूत और समृद्ध बनाना है, ताकि हम देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाए रख सकें।”

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