
विवेक जोकि 2 साल पहले अमेरिका के जॉर्जिया गया था MBA की पढ़ाई के लिए। पढ़ाई व अपनी फीस के लिए वह एक फूड मार्ट पर पार्ट टाइम काम करता था और अपना खर्चा उठा रहा था। विवेक के माता-पिता दोनों गांव में ही रहते हैं और खेती-बाड़ी का काम है इसके अलावा विवेक की बड़ी बहन न्यूजीलैंड में है जबकि छोटा भाई शिवम सैनी भी गांव में ही रहता है और खेती में अपने पिता की मदद करता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विवेक की हत्या अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में 16 जनवरी रात 12:15 पर हुई जबकि कुछ टाइम बाद यानी की 1:00 बजे वह फूड मार्ट को बंद करने वाला था। तभी एक व्यक्ति ने उसके मुंह पर 50 हथौड़े मारे जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विवेक का परिवार मीडिया में कुछ नहीं कहना चाहता उनका मानना है कि अगर वह कुछ कहेंगे इससे उन्हें बार-बार उसकी याद आएगी।
परिवार का कहना है कि 16 जनवरी को विवेक के ही कजिन को उसकी मौत का पता लगा और हैरानी की बात की है कि 24 जनवरी को विवेक ने अपने घर भारत आना था वह आया जरूर लेकिन जैसा परिवार ने सोचा था वैसा नहीं।
परिवार का कहना है कि खबरों में चल रहा है कि जिस व्यक्ति ने विवेक का कत्ल किया है वह नशे का आदी है बल्कि ऐसा नहीं है वह एक सीरियल किलर है इससे पहले अपनी पत्नी और एक पुलिस ऑफिसर का भी कत्ल कर चुका है और 12 जनवरी को ही जेल से बाहर आया था।
और तब से वह फूड मार्ट जहां पर विवेक काम करता था वहां पर रह रहा था ज्यादा बर्फ और ठंड होने के कारण विवेक ने उसे कंबल दिया खाने के लिए खाना दिया पानी दिया लेकिन 16 जनवरी को जब वह दोबारा से फूड मार्ट पर आया हमलावर ने उसका कत्ल कर दिया।
आपका बता दें कि मृतक विवेक सैनी न केवल एक नेक इंसान था बल्कि पढ़ाई में बहुत होनहार और मेहनती था। मृतक विवेक सैनी की बड़ी बहन ने जानकारी देते हुए बताए कि विवेक हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहता था। विवेक सैनी ने अपनी दसवीं की पढ़ाई पंजाब के डेराबस्सी के DAV स्कूल से पूरी की, वहीं चंडीगढ यूनिवर्सिटी से B Tech कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद विवेक एमबीए के लिए अमेरिका गया था। विवेक ने अमेरिका की नॉर्थ अलबामा यूनिवर्सिटी से एमबीए के पढ़ाई हाल ही में पूरी की थी।
परिवार का कहना है कि बच्चे विदेश तो जा रहे हैं लेकिन उनकी सुरक्षा का जिम्मा कोई नहीं ले रहा ना वहां की सरकार और न ही यहां की सरकार। क्योंकि वहां पर माइग्रेंट बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। हर दिन एक लाश विदेश से भारत आ रही है आखिर क्या कारण है इस बारे में शायद ही कोई सोच रहा होगा।
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