Saturday , 5 September 2026
किसानों का धरना स्थगित

भिवानी में 71 दिन बाद किसानों का धरना स्थगित, नहरी तंत्र सुधारने के लिए 396 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर!

भिवानी: हरियाणा में नहरी तंत्र को मजबूत करने और खेतों के अंतिम छोर यानी टेल तक पानी पहुंचाने को लेकर सरकार ने बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रदेश की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि वर्ल्ड बैंक की सहायता से करीब 5700 करोड़ रुपये की लागत से पूरे प्रदेश के नहरी तंत्र का सुधार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

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इसी कड़ी में भुरटाना ब्रांच के लिए 211 करोड़ रुपये और सुंदर ब्रांच के लिए 185 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सिंचाई मंत्री शनिवार को भिवानी जिले के गांव जमालपुर में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने के 71वें दिन प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं। उनके साथ बवानीखेड़ा के विधायक कपूर वाल्मीकि भी मौजूद रहे।

मंत्री के आश्वासन के बाद धरना स्थगित

सिंचाई मंत्री की ओर से नहरी परियोजनाओं को लेकर जानकारी देने और टेल तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया।

अखिल भारतीय किसान सभा की बवानीखेड़ा तहसील कमेटी के प्रधान कामरेड राजेश कुंगड़ ने कहा कि मंत्री के सकारात्मक आश्वासन और रोस्टर के अनुसार पानी चलाने पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित किया गया है।

हालांकि किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी बाकी मांगों और नहरी जीर्णोद्धार के काम को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने को लेकर आंदोलन का रास्ता खुला रहेगा।

नहरों की सफाई की मांग

किसानों ने मुणक हेड, भुरटाना हेड और हांसी ब्रांच से जुड़े पूरे नहरी तंत्र की सफाई करवाने की मांग भी रखी। किसानों का कहना है कि अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए नहरों की सफाई और मरम्मत जरूरी है।

टेल तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड बैंक के सहयोग से प्रदेश में करीब 5700 करोड़ रुपये की लागत से नहरों का आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भुरटाना ब्रांच के नवीनीकरण पर 211 करोड़ रुपये और सुंदर ब्रांच पर 185 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही ऑग्मेंटेशन कैनाल की क्षमता बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है।

मंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं से क्षेत्र में पानी का प्रवाह बेहतर होगा और टेल क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।

जल संकट के स्थायी समाधान पर जोर

श्रुति चौधरी ने जल संकट के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायतों और किसानों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतें जमीन उपलब्ध करवाती हैं तो टेल क्षेत्रों में बड़े जल भंडारण केंद्र विकसित किए जा सकते हैं।

इन जल भंडारण केंद्रों से कम बारिश या सूखे की स्थिति में भी फसलों और पेयजल की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सिंचाई मंत्री ने नहरी पानी की चोरी रोकने और किसानों के बीच आपसी तालमेल बनाए रखने की भी अपील की, ताकि अंतिम छोर के गांवों तक पीने और सिंचाई का पानी सुचारू रूप से पहुंच सके।

कर्मचारियों की हड़ताल पर भी बोलीं सिंचाई मंत्री

प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार अपने कर्मचारियों के प्रति पूरी संवेदना रखती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।

सिंचाई मंत्री के अनुसार सरकार ने कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को समायोजित करते हुए स्वीकार किया है। सरकार का प्रयास बेहतर और पारदर्शी सुशासन देने का है, ताकि कर्मचारियों को संतुष्टि मिले और आम जनता को भी किसी तरह की परेशानी न हो।

फिलहाल, 71 दिनों से चल रहा किसानों का धरना स्थगित हो गया है। अब किसानों की नजर सरकार की ओर से नहरी परियोजनाओं और टेल तक पानी पहुंचाने के आश्वासन को जमीन पर लागू करने पर रहेगी।

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