दो निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं एमटीसीआर और वासेनार समूह में सदस्यता हासिल करने के बाद भारत ऑस्ट्रेलिया ग्रुप :एजी: में शामिल हुआ। यह समूह इस बात को सुनिश्चित करने की कोशिश करता है कि निर्यात रासायनिक या जैविक हथियारों के विकास में योगदान नहीं दे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एजी ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘19 जनवरी 2018 को भारत औपचारिक रूप से ऑस्ट्रेलिया ग्रुप :एजी: का सदस्य बन गया है। यह देशों का सहकारी और स्वैच्छिक समूह है जो उन सामग्रियों, उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के प्रसार को रोकने के लिये काम कर रहा है जो रासायनिक और जैविक हथियारों के विकास या अधिग्रहण में योगदान दे सकता है।’’ समूह में भारत के प्रवेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि यह ‘‘पारस्परिक लाभप्रद होगा और अप्रसार में मदद करेगा।’’ उन्होंने कहा कि एजी की सदस्यता भारत की विश्वसनीयता को और स्थापित करने में मदद करेगी।
भारत 2016 में मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था :एमटीसीआर: में शामिल हुआ जबकि वासेनार समूह में पिछले साल शामिल हुआ था।
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