मोहाली, 6 जुलाई 2025 — पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मोहाली की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मजीठिया को 11 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने और रिमांड की मांग की, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या है मामला?
25 जून को अमृतसर स्थित आवास से मजीठिया की गिरफ्तारी हुई थी। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत दर्ज नई FIR के आधार पर की गई, जो 2021 में दर्ज ड्रग तस्करी केस से जुड़ी जांच का हिस्सा है। विजिलेंस ब्यूरो का दावा है कि मजीठिया ने 540 करोड़ रुपये की ड्रग मनी को अलग-अलग चैनलों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, शिमला में 400 हेक्टेयर की बेनामी संपत्ति, 25 ठिकानों पर छापे, और 500 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। छापेमारी में 29 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 2 आईपैड, 8 डायरी और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
कोर्ट में क्या हुआ?
विजिलेंस का कहना था कि मजीठिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और कई तथ्य अभी स्पष्ट होने बाकी हैं। जबकि मजीठिया के वकील एचएस धनोआ और अर्शदीप सिंह कलेर ने विरोध करते हुए कहा कि कोई नया साक्ष्य पेश नहीं किया गया है और यह मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिया जा चुका है।
मजीठिया का पक्ष
मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए चुनौती दी है। इस याचिका पर 4 जुलाई को सुनवाई हो चुकी है, लेकिन कोर्ट का अंतिम फैसला आना बाकी है।
पहले भी रहे हैं जेल में
यह पहली बार नहीं है जब मजीठिया जेल गए हों। इससे पहले वे 2022 में ड्रग केस में पांच महीने जेल में रह चुके हैं और अगस्त 2022 में उन्हें जमानत मिली थी।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
