पलवल जिले में बंदरो का आतंक इतना बढ़ गया है,,,,,,,, कि झुंड बनाकर आने वाले बंदरों से लोग दहशत में है,,,,,,,,,,, यह बंदर कभी घरों में लगी डिश की केबल काट देते है,,,,,,,,,, तो कभी सूखते कपड़ों को फाड़ देते हैं,,,,,,, और बिजली के तार पर झूलते रहते है,,,,,,, अधिकांश कालोनियों में बंदरों का इतना खौफ है कि मौका मिलते ही ये घरों में घुसकर उत्पात मचाने लगते हैं,,,,,, और फ्रिज में रखी खाने-पीने की चीजें लेकर भाग जाते हैं,,,,,, इतना ही नहीं बल्कि ना जाने कितने लोग अब तक इन बंदरों के आतंक का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं,,,,,,, जिसको लेकर लोगों ने कई बार इसकी लिखित शिकायत देकर प्रशासन से मांग की है,,,,,, कि उत्पाती बंदरों को पकड़वाकर उचित स्थान पर छुड़वाया जाए,,,,,,,, जिससे शहरवासियों को इनके आतंक से छुटकारा मिल सके,,,,,,,,,, जिसे देखते हुए अब जिला प्रशासन के आदेशों पर नगर परिषद द्वारा शहर में बंदर पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है,,,,, बतादें कि नगर परिषद द्वारा बंदरो को पकड़ने का यह ऑनलाइन टेंडर आगरा की टीम को दिया गया है,,,,,,,, जिन्हे नगर परिषद ने प्रति बंदर 650 रुपये के हिसाब से शहर भर में एक हजार बंदरों को पकड़ने का टेंडर दिया है,,,,,,,
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वही बंदरो को पकड़ने के लिए आगरा से आई हुई टीम के सदस्य गब्बर ने बताया कि पलवल शहर में उन्हें बंदरो को पकड़ते हुए आज पांचवा दिन है और अब तक वो करीब 300 बंदरो को पकड़ चुके है,,,,,,, उन्होंने कहा कि इन पकड़े हुए बंदरो को वो गुरुग्राम में जाकर छोड़ते है और वो प्रत्येक बंदर को पकड़ने का 650 रूपये लेते है,,,,,
हालांकि अब देखना होगा कि आखिर कब तक जिले में बंदरों का आतंक खत्म हो पाता हैं,,,,,
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