Saturday , 25 July 2026

दंपती को 32 लाख देकर सिंगापुर पहुंचे तीन युवक

चरखी दादरी– गांव मांढी पिरानू निवासी तीन युवकों को सिंगापुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर राजस्थान की झुंझनू तहसील के गांव कांजी निवासी दंपती ने 32 लाख ठग लिए। वर्क वीजा बनवाकर तीनों युवक सिंगापुर तो पहुंच गए और वहां उनकी मुलाकात अपराधिक गिरोह से करवाई गई। युवकों को नौकरी की बजाय गिरोह से जुड़ने का ऑफर मिला और इंकार करने पर प्रताड़ना मिली। बाद में जैसे-तैसे तीनों युवक वापस पहुंचे और एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने राजस्थान निवासी नामजद दंपति के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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दरअसल, दादरी एसपी कार्यालय में 31 अक्तूबर 2023 को एक शिकायत सौंपी दी थी जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई। शिकायतकर्ता विकास ने बताया कि गांव कांजी निवासी रविश व उसकी पत्नी पूजा का मांढी में रिश्तेदारी होने के कारण गांव में आना-जाना था। एक दिन उसकी उनसे मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि वे युवाओं को विदेश में नौकरी लगवाते हैं। अगर उन्हें नौकरी करनी है तो वे उन्हें विदेश में दिलवा देंगे। विकास ने उनसे नौकरी की प्रक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा कि वे केवल नौकरी लगवाने 12 लाख रुपये लेते हैं, लेकिन उसे वे वर्क वीजा भी बनवाकर देंगे। विकास के साथ ही दो अन्य युवक प्रवीण व सोनू ने भी नौकरी की हामीं भर दी। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के कहे अनुसार अपनी वीजा बनवा लिया। शिकायत के अनुसार विकास ने 4 मई 2022 को दस लाख, प्रवीण ने जुलाई 2022 को 12 लाख और सोनू ने अक्तूबर 2022 में दस लाख रुपये आरोपी पक्ष को दे दिए। विकास, सोनू व प्रवीण ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें सिंगापुर में नौकरी दिलाने के बजाय अपराधिक व्यक्तियों से मुलाकात करवाई और उनके साथ काम करने के लिए कहा। बाद में जब उन्होंने काम करने से मना किया तो उन्हें प्रताड़ना दी गई। इसी दौरान जैसे-तैसे करके वहां भाग निकले और गांव आ गए। आरोपियों से पैसे वापस मांगने पर धमकी मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई कर पैसे बरामद कराने की मांग की है। बाढ़ड़ा थाना पुलिस ने राजस्थान निवासी रविश व उसकी पत्नी पूजा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित दूसरी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

पीड़ितों में दो चचेरे भाई शामिल

मामले को लेकर पीड़ित सोनू ने बताया कि तीनों युवक एक ही एक गांव के है और युवक प्रवीण उसके सगे ताऊ का लड़का है। बताया कि तीनों को अलग-अलग भेजा गया था और तीनों अलग-अलग ही वापिस आए हैं। सोनू ने बताया कि वह और उसका चचेरा भाई 12वीं पास हैं और बेरोजगार होने के कारण उक्त व्यक्ति के झांसे में आ गए और लाखों रूपये दे दिए।

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